“इन्हे पूरा बागीचा चाहिए” एक आम से दिल नहीं भरता….!

संध प्रदेश दमन-दीव भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने आया है, और बताया जाता है की दमन-दीव के कई नेता अपनी और से पूरी कोशिस कर रहे है की इस बार भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी उन्हे ही मिले, हालांकि अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए तो कई दावेदार है, लेकिन इस से पहले आप को यह बता दे की ऊपर हमने नेताओं का जिक्र क्यों किया “भाजपा नेता का जिक्र क्यों नहीं किया” तो इसका कारण यह है की भाजपा के खेमे में भाजपा का चोला पहने कोनसा नेता अपने दिल में किसी और पार्टी का हितेशी बना बैठा है यह पता लगाना काफी मुश्किल है क्यों की पिछले लोक सभा चुनावों में जिस तरह की बाते भाजपा दमन के नेताओं के बारे में चलीउसे देखकर पता ही नहीं चलता की यहां भाजपा की चिंता नेताओं को अधिक है या कुर्सी और सत्ता की।
बताया जाता है की भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी के लिए वैसे तो दावेदार कई है लेकिन हर बार और हर कुर्सी के लिए जिस तरह मनोज नायक का नाम सामने आने लगा है उसे देखकर लगता है उनके दिल में पूरे बागीचे की तमन्ना है, यह इस लिए भी कहां जा रहा है क्यों की पूर्व मे हुए लोक सभा चुनावों में भी मनोज नायक ने लोक सभा चुनाव का भाजपा से तिकीट लेने की जीतोड़ कोशिश की, और दमन नगर निगम में प्रमुख की कुर्सी को लेकर होती रही उथल पुथल में भी यह नेता पीछे नहीं रहे, और अब भाजपा अध्यक्ष अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए भी इनके चेले चपाटे अपना पूरा ज़ोर लगा रहे है की इन्हे भाजपा अध्यक्ष की कुरी मिल जाए, इस बात को स्वयम यह माने या नहीं जनता में तो इसी बात का जिक्र है, और जनता के मुंह पर भला कोन ताला जड़ सकता है।
हालांकि भाजपा की टिम किसे भाजपा का अध्यक्ष बनाते है यह तो भाजपा के नेताओं ओर आला कमान पर निर्भर करता है, लेकिन दमन-दीव में कहीं ना कहीं पुनः मनोज नायक का इस भाजपा अध्यक्ष पद की रेस में सामील होना जनता द्वारा कहीं इस बात को और इस कहावत को बुलंद करता है की इन्हे पूरा बागीचा चाहिए…! शेष फिर।