कोरोना वायरस के चलते हालत खराब, अस्‍पतालों में वेंटिंग लिस्‍ट

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नई दिल्‍ली: समय के साथ कोरोना और भयानक और मुश्किल पैदा करने वाला होता जा रहा है। दिल्ली के अस्पतालों की हालत‌ खराब होती जा रही है, क्‍योंकि 80% बेड सिर्फ कोरोना पेशेंट से भर चुके है यानि कोरोना काल में देश की राजधानी की हालत खराब है। दिल्ली के सभी 8 प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना बेड्स की मारामारी शुरू हो चुकी है।

मैक्स साकेत में 160 बेड हैं, जिसमे से 91% भर चुके हैं। अपोलो सरिता विहार में 80 बेड हैं और ये बिलकुल फूल हो चूका है। वहीं बाकि बचे 6 प्राइवेट अस्पतालों का भी हाल बुरा है। यानि 8 अस्पतालों में कुल 632 बेड हैं, लेकिन 80% से ऊपर भर गए हैं। ऐसी स्थिति में वेटिंग लिस्ट बना दी गई है, मतलब बेड खाली होने पर ही बारी आएगी। ये हालात तब हैं, जब प्राइवेट अस्पताल में एक दिन का खर्च नॉर्मल वॉर्ड में 25 से 30 हजार रोजाना से लेकर ICU में 1 लाख रोजाना तक का है।

दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बेड तो हैं, लेकिन व्यवस्था छुट्टी पर है। पहले भर्ती करने में आनाकानी, फिर भर्ती करने के बाद सिस्टम फेल। दिल्ली का लोक नायक अस्पताल 2000 बेड्स वाला देश का सबसे बड़ा अस्पताल है। अभी यहां 600 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, लेकिन हर किसी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कर ही लिया जाए, ये जरूरी नहीं। भर्ती कर भी लिया जाए तो शिकायतें बहुत हैं।

जब ये परिस्थिती और तस्वीर नज़र आ रही हो तो विकल्प है, हिम्मत से काम लें। आप जितना डरेंगे उतनी मुश्किल होगी। इसलिए कम से कम मनोवैज्ञानिक लड़ाई लड़ें और बीमारी से लड़ने में अपनी शारीरिक ताकत यानी इम्युनिटी और मानसिक बल बनाए रखें।