गलवान पर गाल बजा रहे चीन की की बोलती बंद, भारत के कड़े रुख को देख सकपकाया ड्रैगन

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गलवान पर गाल बजा रहे चीन की की बोलती बंद, भारत के कड़े रुख को देख सकपकाया ड्रैगन - राष्ट्रीय

नई दिल्ली। गलवान वैली पर गाल बजाने वाले चीन को भारत ने जमकर फटकारा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के बारे में जो गलत बयानी कर रहे हैं वो भारत को कतई मंजूर नहीं है। चीन को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर मर्यादा में रह कर बयान देना चाहिए। गलवान पर भारत के तल्ख रुख को देखकर चीनी विदेश मंत्रालय का प्रवक्ता सकपका गया है।

भारत का कहना है कि मई 2020 से चीन की सेना उस इलाके में भारतीय सेना की सामान्य और परंपरागत पेट्रोलिंग में बाधा डाल रही थी। मई के मध्य में चीनी पक्ष ने एलएसी के अतिक्रमण की कोशिश। तब उसे भारत की तरफ से मुहंतोड़ जवाब मिला। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा कि गलवान घाटी को लेकर ऐतिहासिक रूप से स्थिति हमेशा स्प्ष्ट रही है। अब चीनी पक्ष वहां एलएसी के बारे में बढ़ाचढ़ाकर अपना दावा कर रहा है जो हमें कतई मंजूर नहीं है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन के दावे पूर्व में उसकी खुद की पोजीशन के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक भारत और चीन के सीमावर्ती इलाकों में सभी सेक्टरों में एलएसी की स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिसमें गलवान घाटी भी शामिल है। उन्होंने कभी भी एलएसी पार करने की कोशिश नहीं की। भारतीय सैनिक लंबे समय से वहां पेट्रोलिंग कर रहे हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम भारतीय इलाके में हो रहा है।

पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले कई दिनों से जारी तनातनी 15 जून की रात हिंसक झड़प में बदल गई थी। इसमें एक कर्नल समेत भारतीय सेना के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। चीन को भी इसमें भारी नुकसान हुआ और उसके 43 सैनिक हताहत हुए। लेकिन चीन ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।