गृह मंत्रालय के अधिकारी की रिमांड अवधि बढ़ाई, भारतीय नागरिकता दिलाने व वीजा अवधि में बढ़ोतरी के नाम पर घूस व कमीशन लेने का मामला: शेष आरोपियों को भेजा जेल, मिश्रा को दिल्ली ले जाएगी एसीबी

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जोधपुर। भारतीय नागरिकता दिलाने व वीजा अवधि में बढ़ोतरी के नाम पर घूस व कमीशन लेने वाले गृह मंत्रालय के अधिकारी प्रवीण कुमार (पीके) मिश्रा और तीनों एजेंटों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर वापस कोर्ट में पेश किया जहां से मिश्रा की रिमांड अवधि 28 मई तक के लिए बढ़ा दी गई। वहीं शेष तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। बताया गया है कि मिश्रा को दस्जावेजों की बरामदगी के लिए एसीबी अब दिल्ली स्थित उसके ऑफिस लेकर जाएगी।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लांबा ने बताया कि एसीबी ने पाक विस्थापितों के दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकज कुमार मिश्रा के साथ जोधपुर में नेहरू नगर में रह रहे पाक विस्थापित नागरिक अशोक पुत्र मोहनलाल, डाली बाई मंदिर के पास अम्बेडकर नगर निवासी भगवानराम पुत्र जीवनराम व नेहरू नगर निवासी गोविंद पुत्र मेवोमल को गिरफ्तार किया था। उन पर पाक विस्थापितों से वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने का आरोप है। वे सभी रिमांड पर थे। गुरुवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें वापस भ्रष्टाचार मामलात संबंधी कोर्ट में जज अजय कुमार शर्मा प्रथम के समक्ष पेश किया जहां दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पीके मिश्रा की आगामी 28 मई तक रिमांड अवधि बढ़ा दी। वहीं शेष तीनों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए। एसीबी ने आज कोर्ट में यह दलील दी थी कि मिश्रा से अभी कई जानकारियां लेना शेष है जिसके चलते पूछताछ के लिए रिमांड अवधि बढ़ाई जाए। अब एसीबी मिश्रा से पूछताछ कर इस रिश्वत के खेल का पूरा पर्दाफाश करने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि इसमें और कई बड़े नाम सामने आ सकते है। उन्होंने बताया कि मामले में राज्य के सचिवालय में गृह विभाग (चतुर्थ) में सहायक अनुभाग अधिकारी कुन्दनलाल पुत्र हनुमान  का नाम भी सामने आया था। उसकी भी तलाश जारी है।