जाने क्यों बदल रहा है भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता?

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आभा न्यूज़। इन दिनों नेपाल और भारत के बीच सीमा विवाद चर्चा में है। भारत के साथ अपने रिश्तों को रोटी-बेटी के रिश्ते को बताने वाला नेपाल, अब भारत के वीरके बावजूद अपने विवादित नक्शे से सम्बंधित सविधान संशोधन विधेयक को अपने संसद में पेश किया। इस नक्शे में भारत के तीन इलाके लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी को शामिल किया गया है। नेपाली संसद के निचले सदन में इसे मंजूरी मिल चुकी है।

इतना ही नहीं कुछ दिन पहले बिहार के लालबन्दी नेपाल बॉर्डर पर नेपाली पुलिस ने एक भारतीय को गोली मार दी जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। भारत और नेपाल के बीच नक्शे विवाद में हुई इस घटना ने रिश्तों के बीच कड़वाहट घोल दी है। बिहार का सीमावर्ती गांव लालबन्दी जो नेपाल को अपना मानते है इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा हैं।

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बिहार राज्य के दरभंगा के परमानन्द नेपाल के पहले उपराष्ट्रपति बने थे। उन्होंने पांच साल पहले कहा कि अगर भारत और नेपाल के बीच स्थिति नहीं बदली तो दोनों देशों के बीच रोटी – बेटी का रिश्ता इतिहास बन कर रह जाएगा। उनकी आशंका अब सच होती लग रही है।

बिहार के 7 जिले – सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज और सुपौल की सीमा नेपाल से मिलती है। नेपाल के दक्षिणी भाग में मधेश के कई जिले बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा से मिलते हैं। इसलिए बिहार के लोग मधेश को अपना मानते हैं। मधेश और बिहार – उत्तर प्रदेश में भाषा से लेकर खान – पान में बहुत समानता है और कई लोग आपस में रिश्तेदार भी है।

साल 2016 तक पहले नेपाल में दोहरी नागरिकता का प्रावधान था। यूपी और बिहार के किसी गाँव की लड़की का विवाह अगर नेपाल में रहने वाले लड़के से होता था तो उसे नेपाल की नागरिकता मिल जाती थी। लेकिन नेपाल सरकार ने 2017 में दोहरी नागरिकता को खत्म कर दिया। नए नियम के मुताबिक अगर कोई भारतीय लड़की नेपाल में शादी करती है और उसे नेपाल की नागरिकता चाहिए तो उसे भारत की नागरिकता को छोड़ना पड़ेगा। इतना ही नहीं उसे नेपाल के किसी भी न्यूज़पेपर में शादी का ब्यौरा प्रकाशित कराना होगा। इसके बाद उसे नेपाली नागरिकता के लिए आवेदन देना होता है।

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राम-सीता के समय से है नेपाल से दोस्ती

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना रिश्ता रहा है। बताया जाता है कि माता सीता का जन्म सीतामढ़ी के पुनोरा गांव में हुआ था। जनकपुर प्राचीन मिथिला की राजधानी थी और जनक मिथिला के राजा थे। इसके बाद उन्होंने अपनी पुत्री सीता का विवाह अयोध्या के राजा श्री राम के साथ कर दिया। ऐसे में दोनों देशों के बीच मे अच्छे संबंध हो गए।

इसके अलावा नेपाल में रहने वाले और भारत में पढ़ाई करने वाले डॉक्टर रामवरण यादव नेपाल के पहले राष्ट्रपति बने थे। रामवरण ने कोलकाता से मेडिकल की पढ़ाई की थी। इसके अलावा दरभंगा में जन्म लेने वाले परमानन्द झा नेपाल के पहले उपराष्ट्रपति बने। लेकिन समय के साथ नेपाल में वामदल प्रभावी होता गया और चीन उसके इशारे पर चलने लगा। लेकिन भारत अभी भी नेपाल की सहायता करता है।

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