जिले में भारत बंद को नहीं मिला व्यापक जनसमर्थन

वलसाड जिले मे सोमवार को कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद को व्यापक जनसमर्थन नहीं मिला। ज्यादातर बाजारों में रोजाना की तरह की काम काज होता रहा । दुकानदारों ने भी कुछ समय के लिए ही अपनी दुकनें बंद की थी।
जानकारी के अनुसार वलसाड में बंद कराने निकले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने पर कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। बताया गया है कि पुलिस के कार्यप्रणाली से क्षुब्ध कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ देर के लिए सड़क पर ही बैठ गए थे हालांकि वलसाड में भी कांग्रेसी द्वारा बुलाए गए बंद को ज्यादा समर्थन नहीं मिला पुलिस ने बताया कि जबरन दुकानें बंद करवाने से रोकने से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ता विवाद पर उतर आए थे जिसके कारण हमें हिरासत में लेना पड़ा।
वहीं वापी में भी लोगों ने नियमित तौर पर अपनी दुकानें खोल रखी थी, जिसके बाद सुबह करीब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बाजार में घूम कर लोगों से दुकानें बंद कर महंगाई के खिलाफ पार्टी की लड़ाई में सहयोग मांगा। बंद कराने निकले कांग्रेसियों के साथ-साथ पुलिस का काफिला भी चलता रहा . कांग्रेस ने दुकानदारों को गुलाब का फूल देकर अपने व्यवसाय व व्यापार को दोपहर 3 तक बंद रखने का अनुरोध किया। कांग्रेस की अपील का मिला जुला असर दिखा। आह्वान पर कुछ लोगों ने अपनी दुकानें बंद तो की लेकिन जैसे ही कांग्रेसियों का काफिला आगे बढ़ा लोगों ने अपनी दुकान फिर शुरू कर दी। हा बंद के आह्वान के चलते सुबह से ही प्रमुख चौराहों पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर दी गई थी। साथ ही पुलिस उपाधीक्षक एम बी कुंपावत पुलिस काफिले के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों पर गश्त करते दिखे। बंद कराने निकले प्रमुख कांग्रेसियों में नगरपालिका विरोधी पक्ष नेता खंडू पटेल, शहर प्रमुख निमेश वशी और अन्य कार्यकर्ता सड़कों पर दिखे।