ठंडे बस्ते में गया भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का विवाद, जुलाई में राष्ट्रीय अध्यक्ष के राजस्थान आने के बाद हो सकती है नये प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा

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जोधपुर। पिछले कई दिनों से राजस्थान में चल रहा नये भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के नाम का विवाद अब ठंडे बस्ते में चला गया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि नये प्रदेशाध्यक्ष के मुद््रदे पर अब तमिलनाडू चुनाव के बाद फैसला होगा और इस विषय पर प्रदेश संगठन को राजस्थान के संघ पदाधिकारियों से चर्चा करनी होगी और इसी के आधार पर फैसला होगा।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भाजपा आलाकमान अमित शाह के साथ दिल्ली में मुलाकात के बाद भाजपा के नये प्रदेशाध्यक्ष का विवाद फिलहाल पार्टी ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब माना जा रहा है कि प्रदेशाध्यक्ष के साथ भाजपा चुनाव संचालन समिति की भी घोषणा होगी ताकि कुछ नेताओं को इस समिति में जगह दी जा सके। इसी बीच मुख्यमंत्री भी दिल्ली की एक दिवसीय यात्रा के बाद वापस लौट आई है। हालांकि इस मुलाकात के बाद नये प्रदेशाध्यक्ष के नाम की बहुप्रतीक्षित घोषणा तो नहीं हो पाई लेकिन आमने सामने हुए भाजपा आलाकमान व राजे गुट इस मुद्दे पर नये सिरे से मंथन पर राजी हो गए। केंद्रीय नेतृत्व ने फिलहाल केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेशाध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को छोड़ दिया है।
चुनाव संचालन समिति का होगा गठन
जानकारों के अनुसार अब प्रदेशाध्यक्ष के साथ ही चुनाव संचालन समिति का भी गठन किया जाएगा। इस समिति के जिम्मे विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी होगी और इस समिति में केंद्र के कुछ नेताओं के साथ ही प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। चुनाव संचालन समिति भी साथ बनने की स्थिति में जातिगत समीकरण भी एक साथ साधने की कोशिश होगी।
जुलाई में राजस्थान आएंगे अमित शाह
विधानसभा चुनाव की वजह से इस साल राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जुलाई में राजस्थान प्रवास पर आ सकते है। शाह राजस्थान में एक सप्ताह तक रूकेंगे और चुनाव को लेकर मंथन होगा। ऐसे में प्रदेश के नाराज नेताओं, चुनावी रणनीति सहित दूसरे सभी विषयों पर सीधा राष्ट्रीय अध्यक्ष का दखल रहेगा। सभी विषय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह प्रदेश नेताओं से सीधा मंथन करेंगे।