दमण की सब जेल में विचाराधीन कैदी की आत्महत्या का प्रयास, जांच में हत्या करने की कोशिश से फायरिंग करने का मामला आया सामने

दमण की सब जेल में विचाराधीन कैदी की आत्महत्या का प्रयास, जांच में हत्या करने की कोशिश से फायरिंग करने का मामला आया सामने | Kranti Bhaskar

दमण . दमण सब जेल में 2 दिन पहले बलात्कार और हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी धनंजय श्याम करण चतुर्वेदी द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने की नीयत से की गई फायरिंग मामले में पुलिस जांच में अलग ही खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में धनंजय चतुर्वेदी कि हत्या करने की नीयत से किसी कैदी द्वारा उसे गोली मारने का मामला सामने आया है। जिससे शासन प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में सब जेल के कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर को एक बच्ची से दुष्कर्म कर हत्या करने के आरोप में सब जेल में बंद धनंजय श्याम करण चतुर्वेदी द्वारा खुद को गोली मारने का मामला सामने आया था। शुरू में पुलिस ने कहा गया था कि उसने देशी तमंचे से खुद को गोली मार ली है। घटना के बाद धनंजय को गंभीर अवस्था में सिलवासा के विनोबा भावे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जेल का दौरा किया था। इस मामले की पुलिस जांच में अलग ही मामला सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि किसी अन्य कैदी ने धनंजय को गोली मारी थी। जिसके खिलाफ पुलिस ने जांच भी शुरू कर मामला दर्ज किया है। शनिवार को लोगों में इस घटना को लेकर चर्चा भी गर्म रही। वहीं सब जेल के कर्मचारियों की भूमिका पर भी लोग सवाल उठाते रहे कि हथियार जेल के अंदर कैसे पहुंचा।
ज्ञात हो कि इस घटना के बाद जांच करने के दौरान एक देसी तमंचा और 11 जिंदा कारतूस वहां से बरामद हुआ था और एक सुसाइड नोट भी बरामद होने की बात पुलिस द्वारा शुरू में कही गई थी। वही अब कहा जा रहा है कि सुसाइड नोट में जो लिखावट है वह धनंजय चतुर्वेदी की लिखावट से मेल नहीं खाती । जानकारी के अनुसार इससे पहले भी सब जेल में विचाराधीन कैदी फरार हो चुके थे हालांकि बाद में सभी को धीरे-धीरे पकड़ लिया गया था। लेकिन उस दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर हुई थी। तब दमण प्रशासन ने विस्तृत रिपोर्ट के बाद सब जेल की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का दावा किया था। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है । सुरक्षा व्यवस्था के बीच हथियार जेल के अंदर पहुंचना और विचाराधीन कैदी पर जानलेवा हमला कई सवाल खड़े करता है । वहीं दूसरी तरफ पुलिस अभी यह खुलकर भी नहीं बता रही है धनंजय चतुर्वेदी किस स्थिति में है।