दमण सबजेल में गोली लगने से घायल कैदी की हुई मौत

दमण सबजेल में गोली लगने से घायल कैदी की हुई मौत | Kranti Bhaskar

दमन : मोटी दमण सबजेल में शुक्रवार को घटित हुई फायरिंग की घटना मेंे गंभीर रूप से घायल रेप एवं हत्या के आरोपी धनंजय श्यामकरण चतुर्वेदी की सिलवासा के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान आज मौत हो गई। इसके बाद दमण पुलिस ने हत्या का एक और मामला दर्जकर आगे की जांच शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर दुष्कर्म एवं हत्या के आरोपी धनंजय श्यामकरण चतुर्वेदी के सिर पर गोली लगी थी। घायल धनंजय चतुर्वेदी को तुंरत मरवड अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के चलते उसे सिलवासा के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। सर्जरी के बाद आज दोपहर आरोपी धनंजय चतुर्वेदी की मौत हो गई। दमण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि प्रथम दृष्टया में पुलिस द्वारा बताया गया था कि धनंजय चतुर्वेदी ने खुद देशी तमंचे से अपने सिर में गोली मारकर खुदकुशी करने का प्रयास किया था। मौके से सुसाइड नोट, 11 जिंदा कारतूस एवं देशी तमंचा भी मिलने की जानकारी दी गई थी। शनिवार को इसी मामले में पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर एक नया अध्याय जोड दिया था जिसमें बताया गया कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा विचाराधीन कैदी धनंजय चतुर्वेदी पर गोली चलाई गई है। जिसके बाद पुलिस ने गोली चलाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, ऑर्म्स एक्ट 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लेकिन आज घायल कैदी धनंजय चतुर्वेदी की मौत होने के बाद पुलिस ने एक और धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। उल्लेखनीय है कि जेल के किसी अन्य कैदी या व्यक्ति द्वारा कैदी धनंजय चतुर्वेदी को जान से मारकर खुदकुशी दर्शाने की कोशिश की गई थी। इसके चलते जेल प्रशासन पर सवालिया निशान उठने लगे है। पुलिस एवं संघ प्रशासन को इस मामले की तह तक जाने जल्द ही इस मामले को सुलझाकर जनता के सामने खुलासा कर जनता का विश्वास कायम रखना होगा। क्योंकि यह पुलिस की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए प्रश्न चिन्ह है। हैरानी की बात तो ये है कि सबजेल में सुरक्षा के इतने इंतजाम होते है फिर भी जिंदा कारतूस और तमंचा मिलना सुरक्षा व्यवस्था की चूक दर्शाता है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह मामला किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि यह अब हत्या का मामला नहीं बल्कि पेचिदा मामला बन गया है।