दमन-दीव प्रशासन की कार्यप्रणाली से पुरातत्व विभाग भी परेशान।

दमन-दीव प्रशासन की कार्यप्रणाली से पुरातत्व विभाग भी परेशान। | Kranti Bhaskar
Daman News

संध प्रदेश दमन-दीव में प्रशासक पद पर प्रफुल पटेल की नियुक्ति के बाद, काफी कम समय में कई बार दमन के अलग अलग क्षेत्रो में, समय समय पर दमन प्रशासन का बुलडोजर अतिक्रमण पर चलाया गया। प्रशासन द्वारा चलाए गए बुलडोजर पर, जहां एक तरफ प्रशासन द्वारा समय ना देने पर जनता ने नाराज़गी जाहीर की, तो दूसरी तरफ नियमों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के इस फैसले का स्वागत भी किया।

अतिक्रमण पर कार्यवाही, लेकिन अवैध बंगले तथा होटले अब भी सलामत!

लेकिन हालही में जब कोस्टल हाइवे पर स्थित अतिक्रमण पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया तो जनता में प्रशासन के खिलाफ काफी रोष देखने को मिला, और इस रोष का कारण जनता यह बताती है कि प्रशासन उनके साथ भेद-भाव का व्यवहार कर रही है, इस भेद-भाव को जनता ने अमीरी और गरीबी का नाम दिया है लेकिन प्रशासन इसे किस नज़र से देखती है यह तो प्रशासन पर निर्भर करता है!
जनता का कहना है की प्रशासन सालों से देवका रोड पर स्थित आलीशान होटलों के अवैध निर्माण को हाथ भी नहीं लगा रही है और गरीब जनता के आशियाने और रोजी-रोटी के साधनो को जमींदोष कर रही है, इसके अलावे मोटी दमन किले में स्थित कई आलीशान भवन के निर्माणों पर भी सालों से सवाल खड़े है जिसका जवाब अब जनता मांग रही है।
जिन होटलो के अवैध निर्माण की चर्चाएँ जनता में सालों से है उन होटलों में से एक होटल दमन-दीव भाजपा अध्यक्ष गोपाल टंडेल का भी बताया जाता है।
मोटी दमन किले में जिन भवनों के अवैध निर्माण की बात भारतीय पुरातत्व विभाग कर रहा है उन भवनों में से कई भवनों के मालिक गुजरात के जाने माने उधोगपति बताए जाते है।
भारतीय पुरातत्व विभाग के नियमों की अनदेखी एवं अवैध निर्माण पर क्रांति भास्कर ने दिनांक 27-03-2017 को एक खबर प्रकाशित की थी, शायद उक्त खबर की कतरन अब तक प्रशासक प्रफुल पटेल के पास नहीं पहुंची होगी, क्यो की अगर प्रशासक प्रफुल पटेल के पास उक्त खबर पहुंची होती, तो अब तक उन अवैध निर्माणों पर भी प्रशासक प्रफुल पटेल ने बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया होता जिनके अवैध निर्माण की पुष्टि सवय भारतीय पुरातत्व विभाग कर चुकी है।
भारतीय पुरातत्व विभाग ने क्रांति भास्कर को बताया की दमन में 20 से अधिक निर्माण ऐसे है जिनके अवैध होने की शिकायत वह दमन-दीव प्रशासन से कर चुकी है इतना ही नहीं भारतीय पुरातत्व का यह भी कहना है की उन तमाम भवनों एवं इमारतों के मालिकों के खिलाफ एफ-आई-आर करने तक की दरख्वास्त दमन पुलिस प्रशासन से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक दमन प्रशासन द्वारा किसी मामले में कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिली।
शायद अब तक इस मामले से प्रशासक प्रफुल पटेल अंजान हो, लेकिन इस मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासक प्रफुल पटेल उन आलीशान इमारतों तथा भवनों के निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए, उन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने का आदेश कब देते है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन उन अवैध निर्माणों पर कार्यवाही की मांग को देखते हुए, इस मामले में प्रशासक प्रफुल पटेल द्वारा की जाने वाली कार्यवाही पर, क्रांति भास्कर अपनी पैनी नज़रे बनाए रखेगा।