दिल्ली मेट्रो बनी विश्व की पहली एकमात्र पूर्ण ‘हरित मेट्रो प्रणाली’

नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो अपनी आवासीय कॉलोनियों के लिए हरित इमारत संबंधी मानदंड अपनाने के लिए विश्व में एकमात्र पूर्ण ‘हरित मेट्रो प्रणाली’ बन गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली मेट्रो ने भारतीय हरित इमारत परिषद (आईजीबीसी) की ओर से अपनी 10 आवासीय कॉलोनियों के लिए हरित इमारत मानदंडों का पालन करने के लिए प्लैटिनम रैटिंग हासिल किया है। एक बयान में कहा गया है कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम(डीएमआरसी) ने इससे पहले अपने फेस 3 स्टेशनों, डिपो(इंजन यार्ड) और उप-स्टेशनों के लिए हरित प्रमाण-पत्र प्राप्त किए थे।

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डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने ऊर्जा अनुकूलन की आवश्यकता पर बोलते हुए ‘हरित परिवहन’ की आवश्यकता पर जोर दिया। मेट्रो भवन में शुक्रवार को हरित मेट्रो प्रणाली पर आयोजित तीसरे सम्मेलन में उन्होंने कहा, पिछले चार दशकों में देश में ऊर्जा उपभोग 700 प्रतिशत बढ़ा है और यह 2030 तक तीन गुना और बढ़ जाएगा। ऊर्जा के उपभोग का प्रमुख स्त्रोत परिवहन क्षेत्र है, खासकर शहरी परिवहन। इसलिए मेट्रो प्रणाली और हरित मेट्रो की बात पर ध्यान देना बहुत ही प्रासंगिक है।

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सभी मेट्रो नेटवर्क में 2.6 मेगावाट के उत्पादन के लिए नए सौर ऊर्जा सुविधाएं लगाने के बाद डीएमआरसी ने 20 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की घोषणा की है।

दिल्ली मेट्रो द्वारा अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की पहल की प्रशंसा करते हुए आईजीबीसी के चेयरमैन प्रेम सी. जैन ने कहा, डीएमआरसी ‘हरित मेट्रो’ बनने वाला पहला मेट्रो है। प्लैटिनम रैटिंग पाना बहुत ही कठिन काम है और इस प्रक्रिया में कठिन परिश्रम भी लगा है।

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डीएमआरसी और गुरुग्राम के श्रीराम स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में डीएमआरसी ने ‘स्वच्छ चेतना-एक पर्यावरण क्लब’ नामक पहल के माध्यम से स्कूली बच्चों को पर्यावरण के प्रति दोस्ताना परियोजनाओं और गतिविधियों में प्रतिभाग के लिए उत्साहित करने संबंधी प्रयासों की भी तारीफ की।