नर्सिंग स्टाफ भर्ती में लिंग भेद का विरोध

नर्सिंग स्टाफ भर्ती में लिंग भेद का विरोध

इंडियन नर्सेज हब ने एम्स की नीतियों के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं स्वास्थ मंत्री के नाम ज्ञापन दियासंगठन के अध्यक्ष प्रेम मिरल ने बताया कि हाल ही में 3803 पदों पर निकली नर्सिंग भर्ती में 80 प्रतिशत पद महिलाओं को एवं 20 प्रतिशत पद पुरुषों के लिए रिजर्व किए है जो कि पूर्णतः असंवैधानिक और नर्सेज के सिद्धांतों का हनन हैइस निर्णय के कारण पुरुष नर्सेज के साथ अन्याय हो रहा है जबकि नर्सिंग में एडमिशन के दौरान कहीं भी 80:20 का आधार नहीं है तथा करीब 8 से 10 लाख खर्च कर 4 से 6 साल का समय लगाकर डिग्री करनें के बावजूद पुरुष नर्सेज बेरोजगार हो जाएंगेयह संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 का उलंघन हैयदि यह फैसला वापस नहीं लिया जाता है तो बड़ा आंदोलन होगाइस दौरान रमेश वरण,गणपत अह्मपा सहित बेरोजगार नर्सेज उपस्थित रहे।

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ट्विटर पर कई बार कर चुके है ट्रेंड

लिंग भेद के विरोध में #save_male_nurses कई बार ट्विटर पर ट्रेंड हो चुका है फिर भी सरकार इस पर कोई अमल नहीं कर रही है