नाराज़ सचिन पायलट का सीएम अशोक गहलोत पर निशाना

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जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलेट के बीच मनमुटाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा मामला राज्यसभा चुनावों को लेकर विधायकों की हुई बाडेबंदी से जुड़ा है। सचिन ने बिना नाम लिए फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जिसने जो कहा और कहलवाया गया, सब निराधार साबित हुआ। उसका कोई औचित्य ही नहीं था।

सचिन की माने तो राज्यसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस और समर्थक विधायकों की बाडेबंदी का कोई औचित्य ही नहीं था। यह बात उनके दावे के अनुसार कांग्रेस के पक्ष में पड़े सौ फीसदी वोट के जरिये साबित हो गई। पायलट ने कहा कि उनका दावा सही साबित हुआ कि कांग्रेस पार्टी के विधायकों के सौ फीसदी वोट राज्यसभा प्रत्याशियों को मिलेंगे और वही हुआ। सीएम गहलोत के बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों की तोडफोड़ की साजिश रचने के आरोप पर सचिन पायलेट ने कहा की जिसने जो कहा और कहलवाया गया, वह सब निराधार ही साबित हुआ।

वैसे राज्यसभा चुनावों के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों और प्रदेश संगठन में होने वाले बदलाव पर सबकी नजर है। ऐसे में 21 विधायकों से पार्टी को सरकार में लाने की अपनी कोशिशों को एक बार फिर से गिनाते हुए पायलेट ने साफ़ कर दिया कि विपक्ष में रहते हुए घेराव और धरने करके व भूख हड़ताल के जरिए पार्टी को सरकार में लाने वाले कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा करना उनका पहला कर्तव्य है। ऐसे में चाहे नियुक्ति पार्टी के माध्यम से हो या सरकार में भागीदारी के माध्यम से, सम्मान उन्हें मिलेगा।

सचिन पायलेट के तीखे तेवरों और आये दिन दिए जाने वाले बयानों से साफ़ है कि वे ना तो सरकार के कामकाज से ज्यादा खुश हैं और ही सरकार बनने के बाद सूबे में मिली भूमिका उन्हें अधिक रास आ रही है। शायद यही कारण है कि पार्टी के केन्द्रीय नेताओं की तमाम कोशिशों के बाद भी राजस्थान कांग्रेस में बनी गुटबाजी भी मौके-बेमौके पर सामने आ ही जाती है। ऐसे में यही देखना दिलचस्प होगा की मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों के बाद कांग्रेस के इन नेताओं का रुख कैसा रहता है।