निर्मला मीणा की रिमांड अवधि बढ़ाई

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33 हजार क्विंटल गेहूं के गबन का मामला: अब 22 मई तक चलेगी पूछताछ
जोधपुर। जिला रसद विभाग से करीब आठ करोड़ रुपए का पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त आवंटन कर गबन करने के मामले में निलम्बित आईएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिमांड अवधि पूरी होने पर शनिवार को वापस अदालत में पेश किया जहां उसकी रिमांड अवधि 22 मई तक बढ़ा दी गई। हालांकि निर्मला मीणा के वकील ने रिमांड अवधि बढ़ाए जाने का विरोध किया लेकिन एसीबी की तरफ से कहा गया कि आरोपी निर्मला मीणा जांच व पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। वहीं मामले में कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है जो फरार चल रहे है। इस पर भ्रष्टाचार मामलात की विशेष अदालत ने एसीबी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लांबा ने बताया कि करोड़ों रुपए के तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन की आरोप में निलम्बित आईएएस निर्मला मीणा को शनिवार को कोर्ट में पेश कर 22 मई तक रिमांड अविध बढ़वाई गई है। उन्होंने बताया कि निर्मला मीणा एसीबी की जांच व पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। वह बीमार होने व तबीयत ठीक नहीं होने की दुहाई देकर सवालों से बचने का प्रयास कर रही है। अधूरी पूछताछ के कारण वापस रिमांड अवधि बढ़वाई गई है।
उन्होंने बताया कि उससे उसके पति पवन मित्तल और गबन के फरार आरोपी ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व तत्कालीन लिपिक अशोक पालीवाल के बारे में भी पूछताछ की गई लेकिन वह सही तरीके से जवाब नहीं दे रही। हलांकि उसने पूछताछ में गबन स्वीकार कर लिया है। साथ ही उसने घोटाले में नामजद आरोपियों के अलावा किसी अन्य की भूमिका होने से इनकार किया है। वह खुद के अलावा तीन अन्य आरोपियों का ही नाम ले रही है।
पति की तलाश जारी
निर्मला मीणा के सरेंडर करने के बाद अब एसीबी अफसर उनके पति पवन मित्तल की तलाश कर रहे है। मीणा ने घोटाले कर जो संपत्ति बनाई है उसमें उनके पति का भी बड़ा हाथ है। उनके पति ने भी कई जगहों पर बड़ा निवेश किया है। एसीबी दोनों के खिलाफ ही आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज कर चुकी है।