निसर्ग को लेकर दमण में भी हाईअलर्ट, सौ साल में पहली बार ऐसा तूफान

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दमण : अम्फन के बाद भारत पर एक और तूफान का खतरा मंडरा रहा है। देश की पश्चिमी सीमा पर बसे महाराष्ट्र और गुजरात पर निसर्ग तूफान दस्तक देने वाला है। बताया जा रहा है कि कल दोपहर अरब सागर से निकला ये तूफान जमीन को हिट करेगा। हालांकि इन तूफान से निपटने के लिए सरकारें अलर्ट पर हैं। NDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं और समंदर किनारे बसे गांवों में रहने वालों को सुरक्षित इलाकों में भेजा जा रहा है। मुंबई, पालघर तथा दमण समेत कई शहरों में तूफान के असर से आज ही से बादल छाए हुए हैं।

निसर्ग को लेकर दमण में भी हाईअलर्ट, सौ साल में पहली बार ऐसा तूफान - दमण

अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हाहाकार मचा डाला था। अब ऐसा ही खतरा तेजी से महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ बढ़ रहा है। कोरोना के कहर के बीच महाराष्ट्र और गुजरात पर 48 घंटे बेहद भारी हैं, क्योंकि तूफान तेजी से इन प्रदेशों की तरफ बढ़ रहा है। निसर्ग कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौसम विभाग ने महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में हाईअलर्ट जारी किया है।

निसर्ग चक्रवात की आहट से मुंबई और आसपास इलाकों में काले बादल छाए हुए हैं तो कहीं तेज बारिश हो रही है। हाईअलर्ट के बाद रातों रात महाराष्ट्र के समंदर किनारे के इलाके खाली करा दिए गए हैं। मछुआरों को समंदर किनारे ना जाने की सलाह दी गई है। एनडीआरएफ की टीमों ने समंदर किनारे मोर्चा संभाल लिया है ताकि हर स्थिति से निपटा जा सके। जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन की तरफ से कच्चे मकानों में बने स्कूल और घरों को खाली कराके सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें जगह जगह जाकर जायजा ले रही हैं।

निसर्ग को लेकर दमण में भी हाईअलर्ट, सौ साल में पहली बार ऐसा तूफान - दमण

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि चक्रवाती तूफान 3 जून की शाम या रात में उत्तरी महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, तथा दमण तट से टकरा सकता है। इसके टकराने के साथ ही उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। समुद्र में 4 जून तक स्थिति बेहद खराब हो सकती है, क्योंकि 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की रफ्तार और ज्यादा हो सकती है। इसके मद्देनजर मुंबई महानगर पालिका ने मुंबई के नागरिकों को सावधानी बरतने की हिदायत जारी की है।


‘निसर्ग’ पर हाईअलर्ट महाराष्ट्र

  • लोगों को समंदर किनारे ना जाने के आदेश
  • पेड़ और खंबे के नीचे ना खड़े होने की अपील
  • तेजी से निचले इलाके खाली कराए जा रहे हैं
  • मछुआरों को समंदर में ना जाने की सलाह
  • अलर्ट पर बड़े उद्योग और पेट्रोकेमिकल संस्थान

वहीं गुजरात की बात करें तो गुजरात के नवसारी में चक्रवात के चलते मौसम बदल चुका है। तटीय इलाकों में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। गुजरात में 159 गांवों में हाईअलर्ट है। गुजरात सरकार ने निसर्ग चक्रवाती तूफान की आशंका के चलते भावनगर और अमरेली सहित तटीय जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। निसर्ग के अलर्ट के बाद गुजरात के सीएम विजय रूपाणी लॉकडाउन के बीच पहली बार पहली बार अपने बंगले से बाहर निकले और चक्रवात की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की।

मौसम विभाग के मुताबिक 3 जून को सूरत, नवसारी, वलसाड,भरूच, भावनगर और अमरेली में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा हवा चलने और बारिश होने की संभावना है। जिन इलाकों में निसर्ग का खतरा है, वहां से बीमार, बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है। सूरत जिले के 32 गावों में अलर्ट जारी किया गया है। सूरत के समंदर तटीय 32 गावों को अलर्ट है। वहीं, मछुआरों को 4 जून तक समंदर की ओर ना जाने का आदेश दिया गया है। सूरत के डुम्मस, डभारी और सुवाली बीच को भी बंद कर दिया गया है।

गुजरात, महाराष्ट्र के अलावा केरल के तटीय इलाकों में प्रशासन अलर्ट है। सख्त चेतावनी जारी की गई है। महाराष्ट्र और गुजरात के लोग इस तूफान का शांति से निकल जाने की दुआ कर रहे हैं, क्योंकि कुछ दिनों पहले बंगाल और ओडिशा से आई भयानक तबाही की तस्वीरें सबके जहन में हैं कि किस तरह अम्फान ने दोनों राज्यों में कहर बरपाया था।