पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही निर्मला मीणा

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पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही निर्मला मीणा | Kranti Bhaskar
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33 हजार क्विंटल गेहूं के गबन का मामला: रिमांड अवधि खत्म होने पर आज वापस किया जाएगा अदालत में पेश
जोधपुर। करीब तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन की आरोपी निलम्बित आईएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। वह एसीबी के अधिकारियों के सवालों का आधा-अधूरा जवाब देकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही वह बार-बार बीमारी व तबीयत ठीक नहीं होने का नाटक भी कर रही है। उसे शनिवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर वापस अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान एसीबी उसकी रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह कर सकती है।
जिला रसद विभाग से करीब आठ करोड़ रुपए का पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त आवंटन कर गबन करने के मामले में निलम्बित आईएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला मीणा से शुक्रवार को भी एसीबी के अधिकारियों ने पूछताछ का क्रम जारी रखा। उससे एसीबी के एसपी अजयपाल लाम्बा व जांच अधिकारी मुकेश सोनी ने दिनभर विशेष विंग में पूछताछ की। इस दौरान उसने आज भी खुद के बीमार होने व तबीयत ठीक नहीं होने की दुहाई देकर सवालों से बचने का प्रयास किया। एसीबी के अधिकारियों ने निर्मला मीणा को चेतावनी दी कि अगर वह उनके सवालों के जवाब सही तरीके से नहीं देगी तो उसकी रिमांड अवधि बढ़वाई जाएगी। इस दौरान उसके खिलाफ सख्त रवैया भी अपनाया जाएगा। इस पर निर्मला मीणा रोने लग गई।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लांबा ने बताया कि निर्मला मीणा एसीबी की जांच में सहयोग नहीं करके अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उससे उसके पति पवन मित्तल और गबन के फरार आरोपी ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व तत्कालीन लिपिक अशोक पालीवाल के बारे में भी पूछताछ की गई लेकिन वह सही तरीके से जवाब नहीं दे रही। इसके साथ ही आज दूसरे दिन भी जोधपुर शहर के राशन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गहलोत से पूछताछ जारी रही। गबन के दौरान उसके पास राशन की बीस दुकानें थी। गौरतलब है कि मार्च 2016 में गेहूं के गबन की पुष्टि होने पर एसीबी ने गत वर्ष दो नवम्बर को एफआईआर दर्ज की थी। मामले में अब तक आटा मिल संचालक स्वरूप सिंह व निर्मला ही गिरफ्तार हो सके है। ठेकेदार सुरेश उपाध्याय व तत्कालीन लिपिक अशोक पालीवाल की तलाश जारी है।