प्रदूषण मुद्दे को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पिटीशन दाखिल

वापी, सं. वापी सी.ई.टी.पी. आउटलेट से दमण तक पाईप लाईन डालने के संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में मामला चल रहा था और उस केस का हालही में निराकरण हुआ है. इसके बाद फिर वापी ग्राम्य विस्तार के 3 आवेदनकर्ताओं ने प्रदूषण मुद्दे को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पिटीशन दर्ज कराई है. इस पिटीशन में प्रदूषण के कारण पानी की समस्या सहित कुल 12 मुद्दों के साथ स्थानीय लोगों को हो रही मुश्किलों का भी उल्लेख किया गया है. इस केस की सुनवाई गत 8 जुलाई को हुई थी. वापी का एक और केस ग्रीन ट्रिब्यूनल में दर्ज होने से प्रदूषण का प्रश्र चर्चा में आया है. उल्लेखनीय है कि वापी अभी तक क्रिटिकल पॉल्यूटेड एरिया में से बाहर नहीं आ पाया है. काफी प्रयासों के बाद भी प्रदूषण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की सफलता नही मिली है. प्रदूषण के चलते नजदीकी गांवों में भी सीधा असर देखा जा रहा है. इस मामले को लेकर छरवाडा के भाविकभाई रमेशभाई पटेल, चणोद के कृतिभाई देसाई और नामधा के जगनभाई पटेल द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक पिटीशन दाखिल की गई है. जिसमें पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य के लिए खतरा सहित 12 मुद्दों का समावेश किया गया है. गत 8 जुलाई-2016 को इस मुद्दे को लेकर पक्षकारों को नोटिस देकर 2 सप्ताह में अपना पक्ष रखने का आदेश किया गया था. इस नोटिस के आधार पर वलसाड जिला समाहर्ता और वापी नोटीफाईड तंत्र के ऑफिसरों ने एन.जी.टी. में अपना पक्ष रखा था. जबकि 8 पक्षकारों द्वारा जवाब नहीं देने पर एन.जी.टी. ने आगामी 30 सितम्बर को होने वाली सुनवाई तक का अंतिम मौका दिया है.