प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग, तीन मंजिला भवन एवं पड़ौस में स्थित गोदाम भी आया चपेट, नगर निगम पर फिर उठे सवाल

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जोधपुर। करीब एक सप्ताह पूर्व सरदारपुरा बी रोड पर तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद सोमवार को जोधपुर शहर में एक बार फिर अफरातफरी का माहौल हो गया। इस बार प्लास्टिक के एक गोदाम में लगी आग ने पूरे जोधपुर शहर की दमकलों को दौड़ा दिया। हाथीराम का आेड़ा से फतेहसागर जाने वाले रास्ते पर स्थित इस प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे पूरी तीन मंजिला इमारत आग की चपेट में आ गई। आग को काबू में करने के लिए पहले नगर निगम की दमकलें मौके पर पहुंची। तंग रास्तों के कारण इन दमकलों को पहुंचने में देर लगी। तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। निगम की दमकलों से उस पर काबू पाना नामुमकिन था। इसे देखते हुए सेना, एयरफोर्स व सिविल डिफेंस की दमकलों को भी बुलाया गया। आग ने देखते ही देखते पड़ौस के एक साइकिल गोदाम को भी चपेट में ले लिया। दमकलों के करीब डेढ़ सौ से अधिक फेरे करने के बाद भी देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग पर काबू पाने के लिए भवन का आधे से ज्यादा हिस्सा भी ढहाना पड़ गया। बताया गया है कि इस तीन मंजिला गोदाम के करीब चालीस कमरों में प्लास्टिक क्राकरी व अन्य सामान भरा पड़ा था।

प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग, तीन मंजिला भवन एवं पड़ौस में स्थित गोदाम भी आया चपेट, नगर निगम पर फिर उठे सवाल - जोधपुर

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथीराम का ओड़ा से फतेहसागर जाने वाली सडक़ पर श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के माताजी मंदिर वाली गली में गोविंद प्लास्टिक के नाम से बने मकान व गोदाम में सोमवार सुबह पांच बजे आग लग गई। आग का धुआं निकलने और आग के विकराल रूप धारण करने में चंद मिनटों का फासला रहा और जब तक पहली और दूसरी दकमल वाहनें मौके पर पहुंची तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नगर निगम के नागौरी गेट और बाद में तमाम फायर स्टेशनों की दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन नगर निगम की गाडिय़ों के दम तोड़ते देखकर सेना और एयरफोर्स की गाडियों के साथ सिविल डिफेंस व पुलिस की एसडीएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। आग लगने की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली थानाघिकारी इन्द्रसिंह भी मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्य शुरू करवाया। ट्रैफिक कंट्रोल करने और मौके पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरएएसी को भी मौके पर बुलाया गया।

प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग, तीन मंजिला भवन एवं पड़ौस में स्थित गोदाम भी आया चपेट, नगर निगम पर फिर उठे सवाल - जोधपुर

  • सेना, एयरफोर्स, नगर निगम और सिविल डिफेंस की सभी दमकलों ने लगाया दम पर नहीं बुझी आग, आसपास का इलाका करवाया खाली
  • तीन मंजिला भवन का आधे से ज्यादा हिस्सा ढहाया पड़ौस में स्थित साइकिल का गोदाम भी आया चपेट में
  • शहर के हर कोने से दिखाई दिया आसमां में काले धुएं का गुब्बार, नगर निगम पर फिर उठे सवाल

पूरे क्षेत्र की बिजली गुल

भीषण गर्मी के साथ ही इस अगजनी की घटना के बाद पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। वहीं रास्ते पर पुलिस बल तैनात करते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया। मकान में लगी भीषण आग ने पास के मकानों को भी चपेट में लेना शुरू कर दिया। गनीमत रही कि सेना की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू किया जबकि नगर निगम की अग्निशमन शाखा की फायर ब्रिगेड के कई पाइप और वॉल ही लीकेज थे। 

प्रशासनिक अमला आया हरकत में,

आग के तांडव से पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। इस आग से उठे काले धुएं का गुब्बार आसमान में शहर के हर कोने से देखा जा रहा है। हाथीराम का ओड़ा क्षेत्र में गोविंद प्लास्टिक के नाम से आया यह गोदाम पूरे संभाग में प्लास्टिक का सामान वितरण व विक्रय करने वाले उत्तर प्रदेश से आए गोविंद माली का बताया गया है। इसमें करीब पचास कमरे बने हुए है जिसमें से 40 में प्लास्टिक की क्रॉकरी, बाल्टी, टब, मग्गा और अन्य सामान भरा पड़ा था। करीब पांच साल से यह गोदाम यहां चल रहा है। कुछ ही दिनों पूर्व करीब दस फुट की इस संकरी गली में गोविंद माली ने अपने खरीदसुदा मकान व दुकानों को तोडक़र नया तीन मंजिला गोदाम बनाया था। हालांकि उसने निर्माण के समय आग बुझाने के लिए फायर सिस्टम और ऊपर से नीचे तक पाइप भी लगा रखे है लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कुछ भी काम नहीं आया।

पूरे गोदाम में तेजी से फैली आग

ज्वलनशील प्लास्टिक के कारण आग बहुत तेजी से फैली। देखते ही देखते आग मकान के तीनों मंजिल तक फैल गई। प्लास्टिक जलने से उठी गंध और घातक धुएं के गुब्बार के कारण क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए। आग को बेकाबू होते देख शहर की सभी दमकलों को मौके पर बुला लिया गया। तंग गलियों में पहुंचने के लिए दमकलकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। आग से मकान गिरने का खतरा भी बना रहा। आग के कारण जर्जर हो चुकी इमारत में प्रवेश करने से फायरमैन भी कतराते रहे। वे भी पड़ौस की इमारतों से इसे बुझाने में जुटे रहे। इसके बाद प्रशासन ने आसपास के मकानों को खाली करवा दिया। बाद में प्रशासन के आग्रह पर सेना ने मोर्चा संभाला।

सेना-एयरफोर्स की लेनी पड़ी मदद

आग लगते ही नगर निगम के नागौरी गेट स्थित फायर स्टेशन से दमकलें भेजी गई। कुछ देर बाद ही शहर के तमाम फायर स्टेशनों से दमकलें को बुलाया गया लेकिन निगम की इन दमकलों ने दम तोड़ दिया। इसे देखते हुए सेना व एयरफोर्स की टीमों के साथ दमकलें बुलाई गई। नगर निगम, सेना और एयरफोर्स की दमकलों ने पानी के साथ ही फोम का छिडक़ाव कर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। सर्वाधिक भीषण आग ऊपरी मंजिल पर लगी थी जिसे बुझाने के लिए फायर फाइटरों और पुलिसकर्मियों को आसपास के घरों की छतों पर चढऩा पड़ा। वहां से पानी और फोम का छिडक़ाव किया गया। सडक़ के दोनों तरफ  दो-दो गाड़ी से ज्यादा गाडिय़ां खड़ी रख पाने की जगह नहीं होने के कारण आग पर काबू पाते-पाते दमकलों का पानी और फोम की टंकियां जवाब देने लगती और दूसरी गाड़ी आकर लगती तब तक आग वापस विकराल रूप धारण कर लेती।

शाम को ढहाया भवन का काफी हिस्सा

लगातार आग भभकने से भवन जर्जर अवस्था में आ गया। एेहितयात के तौर शाम को भवन का आधे से ज्यादा हिस्सा ढहाना पड़ गया। हालांकि इससे आग के कारण भवन की ऊपरी मंजिल की छत पूरी तरह से ढह गई थी। भवन में देर शाम तक आग भभक रही थी जो काबू में नहीं आ रही थी। पूरे क्षेत्र में आग और प्लास्टिक के जले सामानों की गंध फैल गई थी। इसको देखते हुए यहां रेड अलर्ट भी घोषित कर दिया गया। आसपास के पूरे इलाके को खाली करवा दिया गया।

अवैध तरीके से चल रहा था गोदाम

शहर की तंग गलियों के बीच प्लास्टिक के इतने बड़े गोदाम को लेकर नगर निगम की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस गोदाम के खिलाफ वे कई बार निगम में शिकायत दर्ज करवा चुके है लेकिन प्रभावशाली गोदाम मालिक के दबाव में निगम ने कोई एक्शन ही नहीं लिया। यह गोदाम एक संकरी गली में अवैध तरीके से चल रहा था। पिछले कई वर्षों से रहवासीय इलाके में मकान को प्लास्टिक आइटम जैसे ज्वलनशील सामान का गोदाम बना दिया गया। निगम व प्रशासन की अनदेखी का परिणाम आज सैकड़ों लोगों को भुगतना पडा।

प्लास्टिक के गोदाम में लगी आग, तीन मंजिला भवन एवं पड़ौस में स्थित गोदाम भी आया चपेट, नगर निगम पर फिर उठे सवाल - जोधपुर

आसपास भी है कई अवैध गोदाम

इस प्लास्टिक गोदाम के आसपास भी कई अन्य गोदाम है जिसकी क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को शिकायत कर रखी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस गोदाम के पास ही चाय पत्ती का कारखाने के साथ ही तंबाकू गोदाम और निर्वाण साइकिल का गोदाम भी है। इन गोदामों को लेकर लोगों ने कई बार नगर निगम को शिकायत की लेकिन प्रशासन में जाग नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि उनको रिहायशी इलाके में गोदाम चलने की शिकायत नहीं मिली थी हालांकि गोदाम अवैध चल रहा था। अवैध गोदाम को हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम की थी लेकिन निगम ने ध्यान नहीं दिया। वहीं इस अवैध गोदाम की शिकायत करने वाले मांगीलाल ने बताया कि करीब दो-तीन वर्ष से इस अवैध गोदाम की शिकायत निगम के अधिकारियों, महापौर, सीईओ व कलक्टर तक को भी की। संपर्क पोर्टल पर भी इसकी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोदाम मालिक की राजनीतिक पहुंच होने के कारण भी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई।