भाजपा और कांग्रेस की मिली-जुली सरकार का मिला-जुला भ्रष्टाचार!

दमन में, 100 रुपये बिजली-बील में चल रही है बड़ी बड़ी मशिने। | Kranti Bhaskar image 1

संध प्रदेश दमन में भ्रष्टाचार की बात कोई नई बात नहीं है। यहां कई विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की खबरे आए दिन छपती रही, और प्रशासन अपनी आँखों पर राजनीति की पट्टी बांधे तमाशा देखती रही। वहीं दमन जिला पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार पर पहला खुलासा तब हुआ जब दमन सतर्कता विभाग के अधीक्षक धीरूभाई ने यह जानकारी दी की जिला पंचायत में विकास कार्य के बिना ही करोड़ों के बिल पास हो जा रहे है, हालांकि इस मामले में मिली जानकारी की एक रिकॉर्डिंग क्लिप क्रांति भास्कर ने अपनी वेबसाइट डाली लेकिन उसका असर भी यहां की राजनीति के सामने फीका पद गया। अभी भी क्रांति भास्कर की वेबसाइट पर वह क्लिप मोजूद है जिसमे दमन सतर्कता विभाग के अधीक्षक ही जिला पंचायत में हुए भ्रष्टाचार का ढ़ोल पीट रहे है।

पहले तो भाजपा अध्यक्ष वासू पटेल यह कहते रहे की नवीन पटेल ने जब कांग्रेस को समर्थन दिया था तब वह कांग्रेस में नहीं थे, लेकिन नवीन पटेल के भाजपा में आने के बाद नवीन पटेल ने कांग्रेस को समर्थन जारी कैसे रखा यह सवाल अब जनता जिला पंचायत चुनाव में पूछ लेगी!

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल को भी इस सवाल का जवाब तो देना ही होगा की क्या दुबारा भाजपा कांग्रेस की मिली-जुली सरकार बनाकर जनता को गुमराह करेंगे?

लेकिन भ्रष्टाचार से इतर राजनीतिक मामला भी काफी चर्चा में रहा, लेकिन उस मामले पर भी भाजपा उस वक्त संज्ञान लेने से कतराती रही। वैसे तो दमन की जिला पंचायत के अध्यक्ष कांग्रेसी नेता केतन पटेल है, लेकिन उपाध्यक्ष नवीन पटेल के होने के कारण भाजपा और कांग्रेस की यह जुगलबंदी जनता को तो समझ आ ही गई, दोनों पार्टियों के मुख्य मुख्य नेता माने जाने वाले एक दूसरे का दामन थामे जनता और सरकार दोनों को गुमराह करने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा और अभी यह सिलसिला बदस्तूर जारी बताया जाता है।

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फिलवक्त दमन जिला पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के सिकंजे में कोन-कोन फँसता है यह तो समय बताएगा, लेकिन इस मामले ने दमन की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के होश जरूर उड़ा दिए है। शेष फिर