भाभी की मौत के बाद कार बेचकर कोरोना पीड़ितों को फ्री में मुहैया कराए ऑक्सीजन सिलेंडर

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भाभी की मौत के बाद कार बेचकर कोरोना पीड़ितों को फ्री में मुहैया कराए ऑक्सीजन सिलेंडर - राष्ट्रीय

दीपक दुबे, मुंबई: कोरोना संक्रमण का खतरा मुंबई व महाराष्ट्र में थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर दिन सैंकड़ों कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है, वहीं हजारों कोविड 19 के मामलें सामने रहे है। सरकार के द्वारा हर कोशिश भले ही की जा रही हो, पर बढ़ते आंकड़ों की वजह से किये जा रहे प्रयास नदराद साबित हो रहे हैं। कईयों की मौत सही समय अस्पताल में न भर्ती हो पाने के कारण व इलाज सही समय पर नहीं मिलने से हो रही है।

पहले तो कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल में दाखिला नहीं मिलता और अगर मिल भी जाए तो ऑक्सीजन नहीं मिलता, जिसकी वजह से कइयों की जान जा चुकी है। एक ऐसा ही मामला मुंबई के मालाड मालवणी में रहने वाले अब्बास के साथ हुआ। जब 28 मई को इनकी 26 वर्षीय भाभी आंसमा मेहदी की मौत ऑक्सीजन न मिलने के कारण हो गई। आरोप है कि 28 मई के पहले आसमां की तबियत खराब हुई और इनके परिवार वालों ने मुंबई के कई अस्पताल के चक्कर लगाए, लेकिन एडमिट नहीं किया गया और आखिरकार ऑक्सीजन न मिल पाने के कारण उनकी मौत हो गयी।

मृतका के देवर अब्बास मेहंदी बताता है कि उसके बाद उसने और उसके करीबी दोस्त शाहनवाज ने मिलकर फैसला किया कि अब ये जरूरमन्द लोगों को फ्री में ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराएंगे। लेकिन इसके लिए पैसे की जरूरत थी। इसके लिए शाहनवाज ने अपनी फोर्ड एडिवर कार को बेच दिया और मिले पैसों के जरिये लोगों की ऑक्सीजन सिलेंडर देकर मदद कर रहे है। अब्बास के अनुसार भाभी की मौत के बाद ही फैसला किया कि अब कोई गरीब की मौत ऑक्सीजन की वजह से नहीं होगी ।

शहनवाज़ ने भी न्यूज24 से बताया कि  मुंबई में अगर आपके कोरोना पीड़ित मरीज को ऑक्सीजन की ज़रूरत है तो ये सभी को फ्री में ऑक्सीजन सिलेंडर देंगे। यहां तक कि ये 24 घंटे किसी भी वक़्त कोरोना पीड़ित को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है और उन्हें हॉस्पिटल में बेड नहीं मिल रहा है तो ऐसे मरीज के घर मे ऑक्सीजन सिलेंडर फ्री में देने का काम कर रहे है।

शाहनवाज और अब्बास ये दोनों दोस्त यूनिटी एंड डिग्निटी नाम की NGO चलाते है और इसी छोटी सी NGO के तहत कोरोना की इस महामारी में गरीबों व जरूरतमंदों की जान बचाने का बीड़ा उठाया हुआ है। ये लोग अब तक 300 मरीजो को वक्त पर ऑक्सीजन सिलेंडर  देकर जान बचा चुके है। इन दोनों के द्वारा की जाने वाली इस मदद की वजह से लोगों के लिए यह किसी मसीहा से कम नहीं हैं।