भोगीशैल परिक्रमा के अंतिम पड़ाव पर पहुंची यात्रा, मंडोर उद्यान में श्रद्धालुआें से मिलने पहुंचे परिजन, आज संपन्न होगी परिक्रमा

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जोधपुर। भोगीशैल परिक्रमा यात्रा मंगलवार को अपने अंतिम पड़ाव मंडोर उद्यान पहुंच गई। यहां पर श्रद्धालुआें से मिलने के लिए बड़ी संख्या में परिजन पहुंचे। बुधवार को यह परिक्रमा विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद जूनी मंडी स्थित गंगश्यामजी मंदिर पहुंचकर विसर्जित हो जाएगी।

श्री हिन्दू सेवा मंडल द्वारा प्रत्येक पुरूषोत्तम (अधिक मास) के समय मारवाड़ की धरा सूर्यनगरी में भोगीशैल परिक्रमा यात्रा आयोजित की जाती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास अधिक होने के कारण यह परिक्रमा यात्रा 30 मई तक आयोजित होगी। श्री हिन्दू सेवा मंडल के अध्यक्ष देवीलाल टाक, आयोजन समिति संयोजक प्रेमराज खींवसरा तथा सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने बताया कि मंगलवार को सुबह परिक्रमा यात्रा बेरीगंगा से रवाना हुई जो निम्बा तीर्थ, निम्बड़ी सूर्य मंदिर, हनुमान मंदिर के दर्शन करते हुए मंडोर पहुंची और यहीं उद्यान में विश्राम किया। मंडोर उद्यान में 33 करोड़ देवी देवताओं के दर्शन करने के साथ ही काला-गोरा भैरूजी के दर्शन लाभ लिया। यहां पर कई सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाआें ने श्रद्धालुओं की शिविर लगाकर सेवा की।

नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था

आयोजन समिति के कैलाश जाजू ने बताया कि श्री मित्र सेवा समिति, हिन्दू सेवा मंडल द्वारा यात्रियों को बैठाकर नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई। कुम्हार समाज की भक्त प्रहलाद, सैन समाज पुरबिया, लखारा समाज, गाच्छा समाज नवयुवक मंडल, श्री कृष्ण सेवा समिति, बाबा रामदेव सेवा समिति द्वारा भी भोजन की व्यवस्था की गई। वहीं अग्रसेन प्याऊ श्रीमाली समाज व अन्य सेवा समितियों द्वारा सेवा कार्य किया गया। परिक्रमा यात्रा के आयोजन में मंडल की और से प्रेमराज खींवसरा, ताराचंद शर्मा, तुलसीदास वैष्णव, लख्मीचंद किसनानी, गोरीशंकर गांधी, दिनेश रामावत, लीला सैन, महेश गहलोत, जितेन्द्र जोशी, भागीरथ सोलंकी, जवाहरलाल टाक, नरेन्द्र गहलोत, यतिन्द्र प्रजापत, मदन सैन, गौरव गहलोत सहित कई कार्यकर्ता सहयोग कर रहे है।

यात्रा का आज होगा समापन

बुधवार को यह श्रद्धालु मंडोर से रवाना होकर संतोषी माता मंदिर, कागा मंदिर शेखावतजी का तालाब, उम्मेद भवन, रातानाडा गणेश मंदिर से होते हुए मोहनपुरा पुलिया पहुंचेगे। अंतिम दिन नई सडक़ से घंटाघर और फिर सिरे बाजार के धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हुए शोभायात्रा के रूप में जूनी मंडी स्थित गंगश्यामजी मंदिर पहुंचेंगे और वहीं परिक्रमा का समापन होगा।