सरकार गिराने की कोशिश को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने कही ये बड़ी बात

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नई दिल्लीः महाराष्ट्र (Maharashtra) में इन दिनों कोरोना वायरस (CoronaVirus) का कहर तांडव मचा रहा है, जिसकी वजह से लोगों की जिंदगी बेहाल है। दूसरी ओर राज्य में सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanvis) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह केंद्र मिली मदद को खर्च नहीं कर रही है। फडणवीस ने कहा कि हमें समझ में नहीं आता कि इस सरकार की प्राथमिकता क्या है। उद्धव जी को साहसी फैसला लेना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कोई भी महाराष्ट्र सरकार को गिराने की कोशिश नहीं कर रहा है बल्कि अपने बोझ के कारण यह सरकार खुद ही गिर जाएगी।

वहीं, दूसरी ओर बीजेपी नेता नारायण राणे की ओर से राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग किए जाने के बाद से ही महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आया हुआ है। महाराष्ट्र की राजनीति और राज्य की गठबंधन सरकार, दोनों ही तलवार की धार पर हैं। शुरुआत से ही गठबंधन सहयोगियों के बीच सबकुछ ठीक ना होने की खबरें आती हैं। फिर अचानक से महा विकास अघाड़ी के सदस्य कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सामने आती हैं और सब सही होने की बात कहती हैं। ताजा घटनाक्रम में कई नेताओं की राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद सरकार के भविष्य पर सवाल उठने लगे। अब एनसीपी चीफ शरद पवार से लेकर गठबंधन के नेता दावा कर रहे हैं कि सरकार सुरक्षित है।

कांग्रेस ने कहा- चिंता की कोई बात नहीं

एनसीपी के अलावा कांग्रेस ने भी सुर में सुर मिलाया। राज्य सरकार में मंत्री और महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने कहा, ‘महाराष्ट्र में बीजेपी के नेता सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है।’ तीनों पार्टियों ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की खबरों को बीजेपी की फैलाई गई अफवाह बताया है।

दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में साफ किया कि महाराष्‍ट्र सरकार को कांग्रेस सपोर्ट कर रही है। वहां पार्टी की बड़े फैसलों में भूमिका नहीं है, यह कहकर राहुल ने ‘महाविकास अघाड़ी’ (MVA) की एकजुटता को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। राहुल ने कहा, ‘हम महाराष्‍ट्र में सरकार को सपोर्ट कर रहे हैं मगर वहां ‘की डिसिजन मेकर’ नहीं हैं। हम पंजाब, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान, पुदुचेरी में ‘की डिसिजन मेकर’ हैं। सरकार चलाने और सरकार का सपोर्ट करने में फर्क होता है।”