मारवाड़ ऑटो रिक्शा समिति ने ऑटो चालकों ने राहत पैकेज की मांग की

जोधपुर शहर के ऑटो चालकों पर कोरोना का कहर शुरु हो गया है मारवाड़ ऑटो रिक्शा समिति के अध्यक्ष अब्दुल हकीम और ऑटो चालकों से खास बातचीत मे उभरकर आई खबर  कि परिवहन विभाग द्वारा  जारी परमीट जोधपुर मे लगभग 7000 ऑटोरिक्शा संपूर्ण जोधपुर में संचालित हो रहे हैं जिसमे लगभग चोदह हजार ऑटो चालक है जो अलग-अलग शिफ्ट में ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं जोधपुर मे 80 प्रतिशत ऑटो रिक्शा चालक किराये पर और फाइनेंस कंपनी से लोन पर ले रखे हैं जिनकी मासिक किश्त 7000 से 9000 रुपये तक आती है

कोरोना महामारी के कारण सभी लोगों पर संकट के बादल छा गए  और काम धंधा बंद हो गये और ऑटोरिक्शा घरों मे बंद रहे इन्होंने बडी मुश्किल से लोकडाऊन के तीन माह निकाले अब जब प्रशासन ने ऑटो रिक्शा संचालन की अनुमति दी तो ये लोग घरों से निकले मगर रेलगाड़ी बस व बाजारों की बंद व अस्थिरता के चलते इनके रोजगार शुरु नहीं है मगर रोजमर्रा की जरुरत घर में परिवार बच्चो के भरण पोषण करने में दिक्कतें आ रही है और फाइनेंस कंपनी व ऑटो रिक्शा मालिक इनके घरों के चक्कर लगा रहे हैं किश्त अदायगी वऑटो किराया लेने के लिए इस पर ऑटो चालक पशोपश की स्थिति में है और सरकार है कि इन ऑटो चालकों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा नहीं की गई जिससे ऑटो चालकों पर गहरा संकट है ।

मारवाड़ ऑटो रिक्शा समिति के अध्यक्ष अब्दुल हकीम ने कहा कि राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री स्वयं जोधपुर के है और हमें अपेक्षा है कि हम ऑटो चालकों के हितों की रक्षा करते हुए सरकार कोई गाइडलाइन जारी करे ताकि ऑटो चालकों को राहत मिल सके ।

और फाइनेंस कंपनी व ऑटो मालिकों को पाबंद करे कि जब तक रोजगार पटरी पर न आए तब तक लोकडाऊन से माह जुलाई अंत तक किश्त अदायगी के लिए दबाव न बनाये और इस अवधि का ब्याजमुक्त रखे । व ऑटो मालिक भी चालकों से इस अवधि का किराया माफ करे व सरकार राहत सामग्री व पैकेज की घोषणा कर ऑटो चालकों को राहत पहुंचाऐ।

मोहम्मद अशफाक खान

मोबाईल नंबर 9636242100

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