मिल गया इलाज: डेढ़ महीने में दुनिया से कोरोना को खत्म करेगा भारत !

5
नई दिल्ली: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को घुटने पर ला दिया है ।आज की तारीख में अदृश्य कोरोना ने पूरी दुनिया को घुटनों पर ला दिया है। दुनिया का हर छोटा-बड़ा देश अपने स्तर पर कोरोना का इलाज खोजने में जुटा है। डॉक्टर और रिसर्चर कोरोना का इलाज खोजने में जुटे हैं । कोरोना वैक्सीन की खोज के बीच हिंदुस्तान से पूरी दुनिया को एक नई उम्मीद दिखी है। कोरोना के इलाज के लिए फेवीपिरवीर दवा के क्लिनिकल ट्रायल को मंजूरी मिल गयी है । चीन-जापान समेते कई देशों में ये दवा इन्फ्लूएंजा के मरीजों को दी जाती है ।

पूरी दुनिया इस किलर वायरस से त्राहिमाम कर रही है तो दूसरी ओर इस वायरस का इलाज भी खोजा जा रहा है। हिंदुस्तान की नजर अब ‘फेवीपिरवीर’ दवा पर है। अगर सब कुछ वैसा ही हुआ जैसा वैज्ञानिक सोच रहे हैं तो जल्द देश के कोरोना मरीजों को फेवीपिरवीर दवा से इलाज होगा। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी DGCI ने फेवीपिरवीर के क्लिनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है । DGCI ने फेवीपिरवीर के साथ-साथ फाइटोफार्मास्यूटिकल दवा के क्लिनिकल ट्रायल को हरी झंडी दिखाई। अगर ट्रायल कामयाब रहा तो कोरोना के इलाज के लिए दवा बाजार में आ जाएगी।

दरअसल, फेवीपिरवीर दवा का इस्तेमाल जापान, चीन समेत कई देशों में इन्फ्लुएंजा के इलाज में किया जाता है। तो CSIR देसी जड़ी-बूटी को फाइटोफर्मास्यूटिकल के रूप में तैयार करने में जुटी है। इसका इस्तेमाल डेंगू के इलाज में हो रहा है। अब इसमें कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित करने की तैयारी है। फाइटोफर्मास्यूटिकल एक ऐसी दवा है, जो पौधों से बनती है। इसमें कई तत्व मिले होते हैं।

फेवीफिरवीर को एक सुरक्षित दवा बताया जा रहा है, जिसका ट्रायल पूरा होने में करीब डेढ़ महीने का समय लग सकता है।

  • फेवीफिरवीर एक एंटीवायरल दवा है
  • इन्फ्लूएंजा के इलाज में होती है इस्तेमाल
  • संक्रामक रोगों के इलाज में कारगरऐसे में पूरी दुनिया फेवीफिरवीर और फाइटोफर्मास्यूटिकल को लेकर हिंदुस्तान में होनेवाले क्लीनिकल ट्रायल की ओर बड़ी उम्मीद से देख रही है। क्योंकि, कोरोना के इलाज और दवा को लेकर चाहे जितने दावे किए जा रहे हों लेकिन, ठोस मुहर अब तक किसी पर नहीं लगी है ।