मिश्रा व एजेंटों की रिमांड अवधि बढ़ाई, कुछ और हो सकती है गिरफ्तारी

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जोधपुर। भारतीय नागरिकता दिलाने व वीजा अवधि में बढ़ोतरी के नाम पर घूस व कमीशन लेने वाले गृह मंत्रालय के अधिकारी प्रवीण कुमार (पीके) मिश्रा और तीनों एजेंटों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर वापस कोर्ट में पेश किया जहां से उनकी रिमांड अवधि तीन-तीन दिन के लिए और बढ़ा दी गई। इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। एसीबी पूछताछ में आई कुछ बातों की तस्दीक कर रही है।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लांबा ने बताया कि एसीबी ने पाक विस्थापितों के दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकज कुमार मिश्रा के साथ जोधपुर में नेहरू नगर में रह रहे पाक विस्थापित नागरिक अशोक पुत्र मोहनलाल, डाली बाई मंदिर के पास अम्बेडकर नगर निवासी भगवानराम पुत्र जीवनराम व नेहरू नगर निवासी गोविंद पुत्र मेवोमल को गिरफ्तार किया था। उन पर पाक विस्थापितों से वीजा एक्सटेंशन व नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने का आरोप है। वे सभी रिमांड पर थे। सोमवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें वापस कोर्ट में पेश किया गया जहां उसे उनकी तीन-तीन दिन की रिमांड अवधि और बढ़ा दी गई। उन्होंने बताया कि मामले में राज्य के सचिवालय में गृह विभाग (चतुर्थ) में सहायक अनुभाग अधिकारी कुन्दनलाल पुत्र हनुमान  का नाम भी सामने आया था। उसकी भी तलाश जारी है।
कुछ और लोग भी है शािमल
पूछताछ में पता चला है कि इस कमीशन व घूसखोरी के इस गोरखधंधे में कुछ और लोग भी शामिल है। इसमें अभी तक चार और पाक नागरिकों के नाम सामने आए है जो यहां भारत की नागरिकता लेने वाले पाक नागरिकों से संपर्क करते थे। एसीबी ने इन चारों से पूछताछ की है। हालांकि उनको गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन उनके बतौर सरकारी गवाह बयान दर्ज किए गए है।