राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए प्रशासक प्रफुल पटेल

राज्यपालों के दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए प्रशासक प्रफुल पटेल | Kranti Bhaskar
Prasasak Praful Patel Attend confrance in Delhi
दमण : भारत के महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में गुरूवार से राज्यपालों के लिए दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ है. जिसमें संघ प्रदेश दमण-दीव, दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल भी शामिल हुए है. सम्मेलन में न्यू इंडिया-2022 के थीम पर विस्तृत चर्चा होगी. साथ ही विभिन्न सत्रों में महत्वपूर्ण एजेंडा-मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है. दो दिवसीय सम्मेलन का समापन आज होगा. प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर आधारित दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिसमें 2022 तक नये भारत के सपनों को साकार करना है. इसमें भारत के सभी राज्यों के राज्यपालों एवं केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव, दानह के प्रशासक को सम्मिलित किया गया है.
  • राष्ट्रपति की अध्यक्षता में सम्मेलन आयोजित
प्राप्त जानकारी के अनुसार संघ प्रदेश दमण-दीव, दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में 12 एवं 13 अक्टूबर को आयोजित गवर्नर्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे और वह गुरूवार को इस सम्मेलन में शामिल भी हुए. आजादी के बाद से यह 48वां सम्मेलन है और इस वर्ष के लिए थीम न्यू इंडिया-2022 है, जो भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है. गुरूवार को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया. यह पहली बार है कि संघ प्रदेश दमण-दीव और दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक को इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है. सम्मेलन में राष्ट्रपति ने अपने उद्घाटन भाषण में स्वयं उल्लेख किया कि इस बार हमने न्यू इंडिया के गठन में दमण-दीव, दानह की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पहली बार केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव, दादरा एवं नगर हवेली को भी जोड़ा है. सम्मेलन में भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल/उपराज्यपाल एवं कैबिनेट मंत्रियों ने भाग लिया है. इस अवसर पर प्रशासक प्रफुल पटेल ने पुडुचेरी की एल.जी. किरण बेदी से भी मुलाकात की. इसके साथ ही उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के एलजी से भी बातचीत की. दो दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रपति के समक्ष विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी जो बहुआयामी देश के निर्माण में सहायक साबित होगी.