वापी, दमन तथा दानह में गणपति प्रतिमाओं को किया गया विसर्जित…

वापी, दमन तथा दानह में गणपति प्रतिमाओं को किया गया विसर्जित... | Kranti Bhaskar image 1
daman rana samaj

सिलवासा, सं. संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली पुलिस ने गणपति विसर्जन के मद्देनजर प्रदेश के कुछ मार्गों को प्रतिबंधित किया है जबकि कुछ प्रमुख मार्गों को बाहर से आने वाले वाहनों के लिए प्रतिबंधित किया है. इस संबंध में पुलिस विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार अथाल दमणगंगा ब्रिज, रखोली ब्रिज, डोकमरडी ब्रिज, पिपरिया ब्रिज, चौडा ब्रिज और खड़ोली-सुरंगी ब्रिज को विसर्जन स्थल के रूप में पहचान किया गया है. पुलिस विभाग का आंकलन है कि 3, 5, 7, 9वें और 11वें दिन गणेश विसर्जन काफी होगा. इन पुलों पर उपरोक्त दिनों में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ रहने की संभावना है, जिससे भारी यातायात की वजह से दुर्घटना होने की संभावनायें हो सकती हैं. इसलिये इन पुलों से गुजरात-महाराष्ट्र  की ओर से आने व जाने के लिये  29 अगस्त, 31 अगस्त, 2 सितंबर एवं 4 सितंबर को दिन में 12 बजे से लेकर रात को 8 बजे मार्ग परिवर्तन किया गया.

  • दानह पुलिस ने गणपति विसर्जन के मद्देनजर मार्गों को किया परिवर्तित
  • कुछ प्रमुख मार्गों को बाहर से आने वाले वाहनों के लिए किया प्रतिबंधित

पुलिस ने सभी परिवहन संघों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हैवी ट्रैफिक एवं मल्टी एक्सल वाहनों को परिवर्तित मार्ग से ही ले जायें. पुलिस ने इस दौरान आम जनता से भी अपने वाहनों के साथ बाहर आने से बचने की सलाह दी है. उपरोक्त दिनांक और समय पर व्यवस्था कुछ ऐसी रहेगी. जिसमें मुंबई-महाराष्ट्र की ओर से आने वाले वाहन जिन्हें खेरडी औद्योगिक क्षेत्र जाना है वे खानवेल, खड़ोली, दपाड़ा, रखोली, मसाट/सायली होते हुए खेरडी चेकपोस्ट आ सकते हैं.  इसी तरह दादरा, पिपरिया, गलोण्डा, किलवणी-रांधा आदि जगह जाने के लिये भिलाड से होकर वापी, डूंगरा, पिपरिया, आमली डोकमरडी, सिल्ली, किलवणी व रांधा/दादरा चेक पोस्ट. नरोली (अथाल/खरडपाड़ा) के लिये भिलाड-नरोली औद्योगिक क्षेत्र से नरोली चेक पोस्ट से. इसी तरह वलसाड की तरफ से आने वाले वाहन खेरडी-सुरंगी के लिये वापी, भिलाड, अच्छाड़ (तलासरी) से खेरडी, खानवेल, खड़ोली व खेरडी चेकपोस्ट से. जो वाहन दादरा, पिपरिया, गलोण्डा, किलवणी, रखोली, सायली, मसाट आदि आना है तो वे वापी, डूंगरा, पिपरिया, आमली जंक्शन, डोकमरडी, सिली, किलवणी, उमरकुई, सायली, रखोली, मसाट दादरा चेक पोस्ट द्वारा. वहीं वलसाड से नरोली (अथाल-खरडपाड़ा) आने वाले वाहन वलसाड से वापी व भिलाड होते हुए नरोली चेकपोस्ट पहुंचेंगे.

आस्था और श्रद्धा के बीच पांच दिनी विघ्नहर्ता हुए विदा 

ये भी पढ़ें-  जिला पंचायत के विकास कार्यों में कमीशनखोरी धड्ड्ले से। दमन जिला पंचायत में करोड़ों का भ्रष्टाचार।

सिलवासा : संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा आसपास के क्षेत्र मंगलवार को पूरी तरह से गणेश भक्ति में लवलीन रहा. भक्तों के घरों में विराजें विघ्नहर्ता को पांचवें दिन पूरी आस्था, निष्ठा एवं विश्वास के साथ विदायी दी गयी. चारों तरफ वायुमंडल गणपति बाप्पा मोरिया..अगले बरस तू जल्दी आ.. के जयकारे से गुंजायमान रहा. घरती से लेकर आसमान तक विघ्नहर्ता के प्रति भक्तों का उदगार एवं आसमान पूरी तरह से रंगीन बन चुका था. देखा जाए तो पांचवें दिन विसर्जन के दौरान इन्द्रदेव भी भक्तों पर मेहरबान रहें, क्योंकि लगातार होने वाली बारिश मंगलवार को पूरी तरह से थम सी गयी थी. सिलवासा का आलम तो अद्भूत अविस्मरणीय एवं अलौकिक बन गया था. घरों, पांडालों, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों एवं मंदिरों में विराजें विघ्नहर्ता को पूरे गाजा-बाजा के साथ भक्त नाचते-झुमते, गाते बाबा को सुख-समृद्धि की कामना लिये अगले साल तक के लिए विदा किये.

ganpati visarjan vapi ganpati visarjan vapi

ज्ञात हो कि दानह, दमण, वापी, वलसाड, उमरगांव, भिलाड सहित आसपास के क्षेत्रों में हर वर्ष गणेशोत्सव पूरी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस साल भी जगह-जगह आकर्षक पांडालों में भगवान गजानन गणेश की स्थापना की गयी थी. गणेश चतुर्थी से ही पूरा वातावरण गणेशमय बन चुका है. अनवरत जहां श्रीजी की पूजा-अर्चना हो रही है वहीं पर उन्हें विदा भी किया जा रहा है. गणेशोत्सव के पांचवें दिन भारी तादाद में भक्त, भगवान को विदा किये. सुबह से ही विभिन्न पांडालों में पूजा-अर्चना, हवन-आरती का दौर शुरू हो गया था और दोपहर बाद सजे-धजे वाहनों में विघ्नहर्ता की प्रतिमाओं को बैठाकर भक्त नाचते-झुमते, आतिशबाजी करते हुए नरोली स्थित दमणगंगा नदी के साथ ही प्रदेश के अन्य खाड़ी, नदी एवं तालाबों पर पहुंचे, जहां पर पूजा-आरती के बाद अगले वर्ष जल्द आने की कामना के साथ श्रीजी की प्रतिमा को पानी में विसर्जित किया गया. इस दौरान नरोली खाड़ी के साथ ही अन्य खाड़ी तथा नदी तटों पर पुलिस, फायर ब्रिगेड के जवान, एम्बुलेंस टीम तैनात रहीं. चूंकि गत दो दिनों से दानह में मूसलाधार बारिश हो रही थी जिसके कारण नदी का जलस्तर भी बढ़ा था, जिसकी वजह से पुलिस ने खास सतर्कता बरती और बारी-बारी से मूर्ति विसर्जित कराया गया.

उल्लेखनीय है कि गणेशोत्सव के पांचवे दिन प्रदेश में बनाये गये विभिन्न पांडालों में से अधिकतर पांडालों से गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया. सिलवासा के आमली स्थित श्रीधर इस्टेट में भी पांच दिनों तक विघ्नहर्ता की पूजा-अर्चना करने के बाद मंगलवार को धूमधाम से विसर्जित किया गया. यहां पर सोमवार शाम को विघ्नहर्ता का दर्शन-पूजन एवं आरती का लाभ लेने नगरपालिका उपाध्यक्ष अजय देसाई अपनी टीम के साथ पहुंचे. जहां भगवान गणेश का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की. सोसायटी के युवाओं एवं वरिष्ठ लोगों ने पांच दिनों तक विघ्नहर्ता की सुबह-शाम आरती के साथ ही भजन-किर्तन एवं अन्य विविध धार्मिक आयोजन भी किये.

ये भी पढ़ें-  सूखा के नाम पर भीमपोर में टपोरिगीरी...

वापी में भी पांच दिन के गणपति प्रतिमाओं को किया गया विसर्जित

वापी, सं. इनदिनों चल रहे गणेशोत्सव के पांचवे दिन वापी, दमण, सिलवासा में काफी संख्या में गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया. वापी में भी कई मंडलों द्वारा पांच दिन के विघ्नहर्ता की प्रतिमा को धूमधाम से विसर्जित किया गया. इसी तरह से वापी के चणोद कॉलोनी के कच्छी समाज की वाड़ी के पीछे शिवम नगर में पिछले चार वर्षों से गणेशोत्सव का आयोजन किया जाता है.

ganpati visarjan vapi ganpati visarjan vapi

यहां पर प्रतिष्ठापित किये गये विघ्नहर्ता को मंगलवार को विसर्जित किया गया. यह गणेशोत्सव मित्र मंडल द्वारा आयोजन किया गया था. विसर्जन के दौरान आसपास के भक्तों ने भी भाग लिया. जिसमें सभी डीजे की धून पर नाचते-झुमते गणेश भगवान की प्रतिमा को विसर्जित किया. इसमें अविनाशभाई सहित कई भक्त शामिल थे.

राणा समाज ने गणपति को अगले बरस जल्दी आने की कामना से किया विदा 

दमण, सं. संघ प्रदेश दमण के राणा स्ट्रीट में स्थापित पांच दिन के गणपति को मंगलवार को अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ भव्य विदाई दी गयी. गणपति की पूजा-आरती के बाद उन्हें वाहन पर विराजमान करके गाते-बजाते विसर्जन के लिये प्रस्थान कराया. नाचते-गाते राणा समाज के लोगों का हुजूम जेटी पर पहुंचा. यहां पर बप्पा को प्रणाम कर उन्हें जलावतरित किया गया. इसके बाद गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ बप्पा को जलप्रवाहित किया गया. ज्ञात हो कि वर्षों से राणा समाज के लोग राणा स्ट्रीट में गणपति की स्थापना करके गणेशोत्सव मनाते आ रहे हैं. पूरे पांच दिनों तक बप्पा की भक्तिभाव से पूजा-आरती की गयी. दर्शन को आने वाले हरेक भक्त को मोदक का प्रसाद दिया गया. इसके बाद मंगलवार को विघ्नहर्ता को विसर्जित किया गया.