शनि भगवान के दर्शनों को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, शहर में रही शनि जयंती की धूम, विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए

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जोधपुर। सूर्य पुत्र शनि देव की जयंती मंगलवार को शहर में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर में स्थित सभी शनि मंदिरों में अभिषेक, भोग, आरती, तेलाभिषेक, रामायण मनका पाठ व सुंदरकांड पाठ सहित कई अनुष्ठान आयोजित किए गए। शनि मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
शास्त्रों के मुताबिक शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। इस दिन शनि देव की उपासना एवं पूजा कर आशीर्वाद पाने का विधान है। मंगलवार को शनि जयंती पर शहर में धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान शनि मंदिरों में अलसुबह ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। चौपासनी रोड स्थित शनिश्चरजी का थान स्थित शनि मंदिर पर सुबह साढ़े छह बजे मंगला आरती का आयोजन किया गया और बाद में घट स्थापना के साथ अभिषेक, भोग आरती हुई। शाम को संध्या आरती के साथ 1008 शनि पाठ का आयोजन किया गया। जूना खेड़ापति बालाजी मंदिर में सुबह तेलाभिषेक एवं आरती हुई। ट्रस्ट के अध्यक्ष कमलेश पुरोहित के अनुसार शाम साढ़े सात बजे रामायण मनका के एक सौ आठ पाठ और सुंदरकांड पाठ हुआ। शास्त्रीनगर शनिधाम मंदिर में दोपहर शनि जन्म आरती हुई। पंडित हेमंत बोहरा ने बताया कि डेढ़ बजे तेलाभिषेक व शनि सहस्रनाम का पाठ हुआ। शाम 6 बजे भजन संध्या हुई जिसमें प्रकाश माली व कलाकार ने प्रस्तुति दी। वहीं चांदपोल स्थित निमका नाड़ी में  शनि जयंती पर दोपहर काल सर्प दोष निवारण का पूजन करवाया गया।
प्रतापनगर स्थित हनुमान शनिधाम मंदिर में भी शनि जयंती महोत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सोमवार से शुरू हुआ 23 हजार शनिमंत्रों के जाप का कार्यक्रम मंगलवार को भी जारी रहा। पंडित दामोदर भारद्वाज तथा शैलेन्द्र शर्मा चक्रधारी के सान्निध्य में शनि जयंती को प्रात: सवा नौ बजे मन्दिर पर ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद संकल्प पूजा की गई। सवा दस बजे गंगाजल, गुलाबजल, इत्र व सरसों के तेल द्वारा शनि देव का अभिषेक किया गया। सुबह 11.15 बजे सर्व बाधा निवारण हवन पंडित दामोदर भारद्वाज तथा शैलेन्द्र शर्मा चक्रधारी के सान्निध्य में आयोजित किया गया। हवन में शनि मुद्रिकाएं सिद्ध की गई। इसके बाद दोपहर में शनि भगवान को भोग लगाया गया। दोपहर में महाप्रसादी हुई। मन्दिर के पुजारी गोपाल महाराज ने बताया कि सायं 6.45 बजे महाआरती के पश्चात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की सर्वेश्वर शाखा द्वारा सुंदरकांड पाठ का वाचन किया गया। रात्रि को भजन संध्या में जाने माने कलाकारों ने स्वर लहरियां बिखेरी। इस अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। मन्दिर में आने वाले भक्तों को शनि मुद्रिकाएं नि:शुल्क वितरित की गई।