शुद्ध पेय जल सप्लाई करने में प्रशासन विफल। पंचायती क्षेत्रों में आम जनता को अशुद्ध पेय जल परोस रही है दमन प्रशासन।

आम जनता को सप्लाई किए जाने वाला पानी, पीने योग्य नहीं। अशुद्ध पेय जल सप्लाई कर रही है दमन प्रशासन। भ्रष्टाचार में व्यस्त अभियंताओं की कारगुजारी से जनता का स्वास्थ्य ख़तरे में।

करोड़ों की विकास राशि के बाद भी समस्याएं बदस्तूर जारी, आम जनों की समस्याओं और विकास की बात केवल फाइलों तक सीमित, गावों में सपालाई किया जा रहा पानी स्वासत्य के लिए हानिकारक।

संध प्रदेश दमन में जहां करोड़ों की विकास राशि खर्च की जा रही है, वहीं कई गावों में स्वछ पेज जल भी उपलब्ध कराने में यहां की जिला प्रशासन तथा जन प्रतिनिधि नाकाम देखे गए। दमन के कई गावों में सप्लाई किए जाने वाले पानी में बीमारियों के लक्षण बताया जाता है, तथा उक्त सप्लाई किए जाने वाला पानी पीने योग्य नहीं, इसके उपरांत भी दमन लोक निर्माण विभाग द्वारा दमन की जनता को उक्त बीमारी फैलाने वाला दूषित जल परोसा जा रहा है। हालांकि इस मामले में क्रांति भास्कर ने सप्लाई किए जाने वाले जल की टेस्ट रिपोर्ट क्रांति भास्कर के हाथ लगी है, तथा उक्त टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार दमन के कई गावों में सप्लाई किए जाने वाला पानी पेय योग्य नहीं, इसके उपरांत भी उक्त जल की सप्लाई जारी बताई जाती है।
ज्ञात हो कि दमन के कई गावों में पानी को एकत्रित तथा सप्लाई करने हेतु, पानी के टेंक बनाए गए है, तथा उक्त पानी के टेंको में भूमिगत जल जमा कर आम जनों को परोसा जाता है। तथा कई जगहों पर दाबेल वाटर-ट्रीटमेंट प्लांट का पानी पहुचाया जाता है, बताया जाता है कि, दाबेल वाटर-ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा पूरे दमन में पानी की आपूर्ति नहीं की जाती, तथा जहां-जहां भूमिगत जल की आपूर्ति की जाती है, वहां का जल पेय योग्य होने के माप-दंडों पर खरा नहीं उतरता। बताया जाता है कि दमन के गावों में बनाए गए पानी के टेंकों में भूमिगत जल बिना शुद्धिकरण किए एकत्रित कर आम जनों को सप्लाई किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि उक्त जल के शुद्धिकरण हेतु नहीं प्रशासन के पास सयंत्र है, तथा नियमानुसार भूमिगत जल को अकत्रित कर उक्त जल के शुद्धिकरण किए बिना उक्त जल की सप्लाई नहीं की जा सकती, इस मामले में अभियंताओं का सीधे-सीधे भूमिगत जल की सप्लाई करना नियमों के साथ साथ आम जनों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
इस मामले में दमन लोक निर्माण विभाग के अभियंता मुख्य रूप से जिम्मेवार बताए जाते है, तथा अशुद्ध पानी की आपूर्ति कर आम जनों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हालांकि उक्त मामले में ज़्यादातर समस्याएं जिला पंचायत के क्षेत्रों में बताई जाती है, तथा उक्त मामेल में जिला पंचायत के अध्यक्ष केतन पटेल को कार्यवाई करने की जरूरत है।