साथ-साथ होगी पूजा और इबादत, 33 साल बाद इस बार मई में होगा माह-ए-रमजान, अधिकमास के कारण दिनभर मंदिरों में होगा मंत्रोच्चार

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जोधपुर। इस माह कई सालों के बाद धार्मिक दृष्टिकोण से अद्भुत संयोग बना है। इस बार मई में दो धर्म के प्रमुख त्योहार एक साथ आए है। तीन साल बाद हिंदुओं का अधिक मास आ रहा है तो मुस्लिमों का पवित्र रमजान माह भी गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 11 दिन पहले शुरू हो जाएगा। पूजा व इबादत के इस संयोग में दोनों धर्म के लोग एक साथ पर्व मनाएंगे।
इस्लाम का मुबारक महीना रमजान इस बार 33 साल बाद मई के महीने में अपनी आमद दर्ज कराएगा। तीन दशक के बाद ऐसा मौका आएगा जब मुस्लिम मई के महीने में खुदा की इबादत में मशगूल होंगे। हर साल चांद के हिसाब से इस्लामी कैलेंडर में 11 दिन कम होते रहते है। पिछले साल के मुकाबले रमजान का महीना इस बार भी 11 दिन पहले शुरू हो रहा है। इससे पहले 1984 में मई में पूरा रमजान बीता था। इस साल रमजान में रोजदारों को 24 घंटे 33 मिनट तक रोजे की हालत मे रहना पड़ेगा जबकि बीते साल 21 जून को रमजान का सबसे लंबा रोजा था। इस सबसे लंबे रोजे की अवधि 24 घंटे 36 मिनट थी।
आज दिखा चांद तो रोजे 17 से
16 मई को मुस्लिम माह शाबान की 29 तारीख है। इसी दिन रमजान माह का चांद देखा जाएगा। अगर इस दिन चांद दिखता है तो मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएगी और 17 मई को पहला रोजा होगा। इधर पूरे शहर में पाक महीना रमजान को लेकर मस्जिदों और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में तैयारियां जोरों पर है। मस्जिदों में साफ-सफाई एवं रंगाई का कार्य किया गया है।
आज से शुरू होंगे अधिक मास
अधिक मास 16 मई से शुरू होकर 13 जून तक चलेगा। अधिक मास हर 3 साल में एक बार आता है। इसके पहले वर्ष 2015 में आषाढ़ मास में अधिक मास आया था। इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिक मास रहेगा। इस बार हिंदू कैलेंडर के अनुसार अधिकमास होने के कारण अंग्रेजी कैलेंडर में जुलाई महीने से आने वाले व्रत व त्योहारों की तारीखें आगे बढ़ गई है। लोगों को त्योहार मनाने के लिए पिछले साल के मुकाबले इस बार इंतजार करना पड़ेगा। इस बार दो ज्येष्ठ मास है। पहला ज्येष्ठ मास 1 से 29 मई और दूसरा ज्येष्ठ मास 30 मई से 28 जून है। इन दोनों महीनों के बीच अवधि ही अधिकमास (पुरुषोत्तम) कहलाती है। इस कारण इस बार व्रत व त्योहार पिछले वर्ष की तुलना में 15 से 19 दिन तक देरी से आएंगे।
कब कौनसा व्रत व त्योहार
21 जुलाई को भडलिया नवमी
23 जुलाई को देवशयन एकादशी
27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा
28 जुलाई को श्रावण मास प्रारंभ
2 अगस्त को नाग पंचमी
26 अगस्त को रक्षाबंधन
3 सितंबर को जन्माष्टमी
13 सितंबर को गणेश चतुर्थी
23 सितंबर को अनंत चतुर्दशी
25 सितंबर को श्राद्धपक्ष प्रारंभ
10 अक्टूबर को नवरात्र प्रारंभ
18 अक्टूबर को दशहरा
24 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा
27 अक्टूबर को करवा चौथ
5 नवंबर को धनतेरस
7 नवंबर को दीवाली