सैटलमेंट कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, एनएचएआई से एमओयू जल्द

जयपुर। रिंग रोड परियोजना से जेडीए, अनुबंधित कंपनी सेनजोस सुप्रीम टॉलवेज को आपसी सहमति से बाहर निकालने के लिए बनी सैटलमेंट कमेटी ने गुरुवार को सरकार को रिपोर्ट सौंप दी। कमेटी चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुनील कुमार गर्ग ने नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृलपानी को रिपोर्ट सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कंपनी और जेडीए के क्लेम तय किए गए हैं। हालांकि, इसमें कंपनी को ही क्लेम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो एनएचएआई देगी।

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कमेटी 30 मार्च को गठित हुई थी, जिसके 97 दिन बाद रिपोर्ट सामने आई है। नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि अगले 7 दिन में एम्पावर्ड कमेटी की बैठक होगी। इसके बाद एनएचएआई से एमओयू किया जाएगा। संभवतया अगले माह तक एनएचएआई निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी कार्यवाही शुरू कर सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रोजेक्ट के विवाद को सुलझाने के लिए जयपुर तक आए। उनके हस्तक्षेप के बाद ही सैटलमेंट कमेटी बनाई गई ताकि जेडीए और कंपनी दोनों रजामंदी से प्रोजेक्ट से बाहर हो जाएं।

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7043 से 180 करोड़ पर आया जेडीए
जेडीए ने अनुबंधित कंपनी पर 7043 करोड़ रुपए का चौकाने वाला क्लेम का दावा पेश किया था। इस पर अफसरों को सरकार से जमकर फटकार लगी थी। इसके बाद जेडीए ने संशोधित क्लेम केवल 180 करोड़ रुपए का सौंपा।

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निर्णय दोनों के लिए होगा मान्य
जेडीए और कंपनी दोनों एक-दूसरे के पेश किए क्लेम पर काउंटर क्लेम पेश किया। इसके अध्ययन करने के बाद कमेटी ने रिपोर्ट तैयार की। ये निर्णय दोनों एजेंसियों को मान्य होगा। कोई भी एजेंसी इस निर्णय को चुनौती नहीं दे सकेगी।