हर्षोल्लास के बीच मनाया गया दानह का ६३वां मुक्ति दिवस

प्रदेश के विकास में सभी का सहयोग अपेक्षित – प्रशासक
मुक्ति दिवस पर पहली बार स्थानीक भाषा में प्रशासक का अभिभाषण
सिलवासा, सं. संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली का ६३वां मुक्ति दिवस मंगलवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. झमाझम बारिश के बीच मुक्ति दिवस का उत्साह सभी के सिर चढ़कर बोल रहा था. मुख्य आयोजन स्थल का तो नजारा ही कुछ और था. सिलवासा में कलेक्ट्रेट कार्यालय पर आयोजित समारोह में प्रशासक विक्रम देव दत्त ने ध्वजारोहण के साथ प्रदेश के विकास पर बल देते हुए कहा कि दादरा एवं नगर हवेली के चहुंमुखी विकास में सभी का सहयोग जरूरी है. भारत सरकार द्वारा जारी तमाम विकासीय योजनाओं को जमीनी रूप प्रदान करना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है. उन्होंने विगत एक वर्षों में हुए चहुंमुखी गुणात्मक विकास का खाका पेश करते हुए कहा कि पिछले सालों में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में सड़क और पुलों का निर्माण करके गांव-गांव को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे का जो काम किया गया वह काफी सराहनीय है. इसके अलावा उद्योग एवं पर्यटन पर भी तेजी से विकास कार्य हुआ है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर एक गांव, पाड़ा-पाड़ा तक विकासीय मुलभूत सुविधायें उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि सिलवासा शहर में बढ़ती जनसंख्या एवं यातायात व्यवस्था में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था सुधार का काम प्रगति पर है. प्रस्तावित रिंग रोड के प्रथम चरण का कार्य शुरू हो गया है. इसके अलावा व्यस्ततम इलाकों में चार मार्गीय सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है. इसमें से कई जगहों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है. गुजरात से जोडऩे वाले वाघछीपा-नानी तंबाड़ी मार्ग को डबल लेन बनाने का कार्य पूर्ण हो चुका है. प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रशासक विक्रम देव दत्त ने कहा कि प्रयास है कि दादरा एवं नगर हवेली में हर एक अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो. इस दौरान विनोबाभावे सिविल अस्पताल के विस्तार एवं खानवेल उपजिला अस्पताल में स्वास्थ्य की उत्तम व्यवस्था का जिक्र करने के साथ ही साथ अन्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मुकम्मल बनाने पर उन्होंने जोर दिया. प्रशासक ने प्रदेश में बढ़ती लिंगानुपात में अंतर में सुधार पर कहा कि पिछले एक साल में काफी हद तक इसमें कामयाबी मिल चुकी है. पिछले वर्ष में लिंगानुपात का अंतर १००० पुरूष पर ९२४ महिलाओं का था जो बढ़कर ९५८ हो गया है. जो दर्शाता है कि दानह प्रशासन का प्रयास काफी सफल है. क्योंकि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लोगों में जो जागरूकता लाने का प्रयास किया गया वह सार्थक साबित हो रहा है. शिक्षा सुधार के संदर्भ में प्रशासक ने अपने अभिभाषण में कहा कि स्वच्छ विद्यालय योजना के अंतर्गत जहां उन सभी तमाम प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय उपलब्ध कराने के साथ ही साथ विद्यालयों को सुविधाजनक बनाने का कार्य किया गया वहीं पर शिक्षा में गुणात्मक सुधार पर जोर देते हुए सभी विद्यालयों में शिक्षण सामग्री को उपलब्ध कराने एवं सभी को साक्षर बनाने का प्रयास किया गया है. इसमें सभी का सहयोग सराहनीय है. प्रशासक ने वन अधिकार अधिनियम-२००६ के अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को उनकी जमीनी हक दिलाने के प्रति किये जा रहे कार्यों पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित इस अधिकार का लाभ लोगों को दिलाने का काम किया गया है. जिसमें करीब ४००० से अधिक परिवार लाभान्वित हुए है और आगे भी यह प्रयास जारी है. नये उद्योग नीति के अंतर्गत उद्योगों को बढ़ावा देने पर प्रकाश डालते हुए प्रशासक ने कहा कि प्रयास है कि उद्योग जगत को बढ़ावा मिले और उद्योगपतियों का दानह की तरफ आकर्षण बढ़े. साथ ही पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध कराने पर भारत सरकार ऊर्जा मंत्रालय के साथ किये जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासियों को चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध हो इसपर एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किया गया है. जिसका लाभ आने वाले समय में प्राप्त होगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीने की पानी की समस्या मुंह बाये खड़ी है. इस पर योजनाबद्घ ढंग से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. पंचायतों एवं नगरपालिका क्षेत्र में पीने की पानी समय से उपलब्ध हो इसपर युद्घगति से कार्य चल रहा है. प्रशासक ने उम्मीद जतायी कि दिसम्बर-२०१७ तक सभी के घर में पानी उपलब्ध होगा. उन्होंने घर विहीन गरीबों को रहने के लिए छत की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि अभी तक सूर्योदय आवास योजना के अंतर्गत जहां करीब ४ हजार परिवार को आवास योजना का लाभ प्राप्त कराया गया है वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत करीब १५० परिवार लाभान्वित हुए है. प्रशासक विक्रम देव दत्त ने प्रदेश में आधुनिक तकनीकी को अपनाने, इसका लाभ सभी को सरलतम रूप से दिलाने के अलावा बेरोजगारी को दूर करने पर जोर देते हुए कहा कि हमें पता है कि प्रदेश में युवा बेरोजगारी से जुझ रहे है. दानह प्रशासन का प्रयास है कि जो युवा जिस क्षेत्र में परांगत है उनकी योग्यतानुसार उन्हें रोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जाये. प्रशासक ने प्रदेश की स्थानीय जनता से अपने नजदीकी लगाव के संदर्भ में भावना को दर्शाते हुए कहा कि मैं भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से आता हूं अत: मुझे पता है कि इस क्षेत्र का विकास कैसे करना है? इसीलिए स्थानीय भाषा में अभिभाषण देकर उन्होंने अपने आप को गौरान्वित महसूस किया.
इस अवसर पर सांसद नटू पटेल ने अपने संबोधन में प्रदेश के चहुंमुखी विकास को अमलीजामा पहनाने पर जोर देते हुए कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश विकास के सोपान पर अग्रसर हुआ है. समारोह में स्थानीय पुलिस, आईआरबीएन, होमगार्ड्स एवं एनसीसी कैडेटों के जवानों द्वारा प्रस्तुत मार्चपास्ट एवं परेड आकर्षण का केन्द्र रहा. समारोह के अंत में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलकियों ने खूब वाहवाही लूटा. इस अवसर पर प्रशासक एवं सांसद के अलावा विकास आयुक्त जे.बी. ङ्क्षसह, एआईजीपी मेघना यादव, कलेक्टर गौरव सिंह राजावत, पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रमण काकवा, उपाध्यक्ष महेश गावित, नगरपालिका अध्यक्ष राकेश चौहान, उपाध्यक्ष अजय देसाई सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, समाजसेवक, गणमान्य नागरिक, स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं आम नागरिक मौजूद थे.