४ लाख रुपए के काम को ४० लाख में देकर लोक निर्माण विभाग ने किया बड़ा भ्रष्टाचार बालु पटेल ने प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की  

४ लाख रुपए के काम को ४० लाख में देकर लोक निर्माण विभाग ने किया बड़ा भ्रष्टाचार बालु पटेल ने प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की   | Kranti Bhaskar
संघ प्रदेश दमण लोक निर्माण विभाग द्वारा बड़ा भ्रष्टाचार करने का मामला प्रकाश में आया है. इस संदर्भ में दमण-दीव भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेशनल काउंसिल के सदस्य बालुभाई पटेल ने प्रशासक प्रफुल पटेल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच एवं जवाबदार अधिकारी पर कदम उठाये जाने की मांग की है.
उन्होंने प्रशासक को सौंपे अपने ज्ञापन में बताया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा उसका खुदका भवन बनाने के लिए टेंडर नं. ४७/२०१४-१५, टेंडर आईडी नं. १६९९२५  द्वारा टेंडर निकाला गया था और उसी टेंडर में आइटम नंबर १४५ जिसकी विभाग की अंदाजित कीमत करीब ४ लाख रुपए थी, लेकिन ठेकेदार को वहीं आइटम का काम ४० लाख रुपए में दिया गया. इसे जान बुझकर बड़ा बनाने के लिए २०० मीटर ऊंचाई का एस्टीमेट बनाया गया जबकि लोक निर्माण विभाग खुद ही वाटर सप्लाई के बोरवेल का काम कर चुका है और यह बोरवेल आज पूर्ण आपूर्ति में पानी दे रहा है. दमण में २० से ३० मीटर ऊंचाई का बोरवेल का पूर्ण काम पंप मशीनरी के साथ ५०,००० रुपए में हो जाता है फिर भी ५०,००० रुपए के काम को गलत तरीके से एस्टीमेट करके ४० लाख रुपए में देकर बहुत बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है. इसी प्रकार से आइटम नंबर-४२ में ४६ लाख रुपए का घोटाला किया गया है. इसी टेंडर में आइटम नं. १२ (फाउंडेशन कान्क्रीट) जिसकी विभाग की अंदाजित कीमत ६१५२ रुपए और मात्रा ७३३ क्यूबिक मीटर था. जबकि ठेकेदार ने उसमें सिर्फ ३१०० रुपए भरा था और इसके लिए ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए यह काम सिर्फ ३५० क्यूबिक मीटर मात्रा का ही किया गया. ऐसा ही आइटम नं. ११ (स्टील रेनफोर्समेंट) में किया गया है. इस टेंडर का मार्केट रेट जस्टीफिकेशन सीपीडब्ल्यूडी वर्क मैन्युअल के मुताबिक बनाये बिना ही टेंडर पास किया गया है जो सीपीडब्ल्यूडी की धारा २० का उल्लंघन है. बालुभाई आर. पटेल ने कहा है कि कुल मिलाकर इस टेंडर में कार्यपालक अभियंता ने ५० लाख रुपए का घोटाला किया है जबकि टेंडर की नियम व शर्तें नंबर १.२.३ के अनुसार यह ठेकेदार के पास (ग्राउंड प्लस थ्री) बिल्डिंग वर्क के अनुभव सर्टिफिकेट नहीं थे. बालु पटेल ने प्रशासक प्रफुल पटेल से निवेदन करते हुए कहा है कि इस टेंडर और काम की इंक्वायरी कर जवाबदार अधिकारी पर कदम उठाये और गलत तरीके से दिया गया लाखों रुपए की भुगतान की वसूली, संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से करें.