110 किमी की भोगीशैल परिक्रमा यात्रा शुरू, संतों ने किया ध्वज पूजन, रातानाडा गणेश मंदिर व भाटी चौराहा पर रात्रि विश्राम 

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जोधपुर। श्री हिन्दू सेवा मंडल द्वारा प्रत्येक पुरूषोत्तम (अधिक मास) के समय मारवाड़ की धरा सूर्यनगरी में आयोजित होने वाली भोगीशैल परिक्रमा यात्रा गुरुवार को दोपहर में ध्वज पूजन के साथ शुरू हो गई। शहर के कई संतों ने ध्वज पूजन किया। इस यात्रा में श्रद्धालु करीब 110 किमी की परिक्रमा करेंगे।
आज रात्रि विश्राम रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शनों के बाद भाटी चौराहा पर किया गया। इसके बाद शुक्रवार को अगले पड़ाव के लिए यात्रा प्रारंभ होगी।
श्री हिन्दू सेवा मंडल के अध्यक्ष देवीलाल टाक, आयोजन समिति संयोजक प्रेमराज खींवसरा तथा सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने बताया कि परिक्रमा यात्रा के प्रथम दिन गुरुवार को दोपहर में श्री हिन्दू सेवा मंडल कार्यालय घंटाघर में अतिथियों द्वारा ध्वज पूजन किया गया। इसके बाद तेजामाजी मंदिर में संतों ने ध्वज पूजन किया। इसके साथ ही जुलूस सोजती गेट गजानन मंदिर से होकर रातानाडा गणेश मंदिर पहुुंचा, जहां रात्रि विश्राम किया गया। शुक्रवार को अगले दिन परिक्रमा अलसुबह अगले पड़ाव की ओर रवाना होगी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष ज्येष्ठ मास अधिक होने के कारण से यह परिक्रमा यात्रा 30 मई तक आयोजित होगी। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं परिक्रमा स्थल के पड़ाव एवं मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा शिविर लगाकर करेगी। परिक्रमा यात्रा में कई स्थानों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।
आज से यह रहेगा यात्रा का कार्यक्रम
दूसरा दिन- भाटी चौराहे से रवाना रिक्तिया भैरूजी, मसूरिया बाबा रामदेव मंदिर, चौपासनी श्याम प्रभु मंदिर में रात्रि विश्राम।
तीसरा दिन- चौपासनी से रवाना, हथकर गांव, अरना-झरना, भद्रेसिया, कदंब खंडी व बड़ली में रात्रि विश्राम।
चौथा दिन- बड़ली से रवाना, सोढ़ों की ढाणी, रूपावतों का बेरा, बृहस्पति कुंड व बैजनाथ में रात्रि विश्राम।
पांचवां दिन- बैजनाथ से रवाना, मंडलनाथ कुंडली माता, जोगी तीर्थ व बेरीगंगा में रात्रि विश्राम।
छठा दिन- बेरीगंगा से रवाना, निंबा-नींबड़ी, मंडोर पहुचेंगे और वहीं उद्यान में रात्रि विश्राम।
सातवां दिन- मंडोर से रवाना होकर संतोषी माता मंदिर, कागा मंदिर शेखावत जी का तालाब, उम्मेद भवन, रातानाडा गणेश मंदिर से होते हुए मोहनपुरा पुलिया पहुचेंगे। अंतिम दिन नई सडक़ से घंटाघर और फिर सिरे बाजार के धार्मिक स्थलों का दर्शन करते हुए शोभायात्रा के रूप में जूनी मंडी स्थित गंगश्यामजी मंदिर पहुंचेंगे और वहीं परिक्रमा का समापन होगा।