1200 करोड़ के घोटाले में 2 पूर्व मंत्रियों, 3 आईएएस से होगी पूछताछ

1200 करोड़ के घोटाले में 2 पूर्व मंत्रियों, 3 आईएएस से होगी पूछताछ

अकाली-भाजपा गठजोड़ सरकार के कार्यकाल में सिंचाई विभाग में 1200 करोड़ रुपए के घोटाले में विजिलेंस अब 3 आईएएस और 2 पूर्व मंत्रियों से पूछताछ करेगी। शुरुआत 18 अक्टूबर को पूर्व आईएएस काहन सिंह पन्नू से होगी। जब घोटाला हुआ तब पन्नू विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे। सीएम भगवंत मान ने 2 पूर्व मंत्रियों शरणजीत सिंह ढिल्लों, जनमेजा सिंह सेखों और 3 पूर्व आईएएस काहन सिंह पन्नू, सर्वेश कौशल व करणबीर सिंह सिद्धू से पूछताछ की इजाजत दे दी है।

आरोप है कि पन्नू ने 10 साल में अरबपति बने ठेकेदार गुरिंदर सिंह के करोड़ों के टेंडर की 4 फाइलों को मंजूरी दी थी। गुरिंदर की 2006 में 4.75 करोड़ रुपए की कंपनी थी जो 10 में बढ़कर 300 करोड़ रुपए की हो गई थी।

यह था आरोप
सूत्रों के अनुसार ठेकेदार गुरिंदर सिंह को 2007 से 2016 तक 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के काम अलॉट हुए थे। सिंचाई विभाग पंजाब की ओर से ई-टेंडरों के द्वारा अलॉट किए गए कई कार्यों के ठेकों की जांच विजिलेंस ने की थी। ब्यूरो ने पाया कि विभाग के सीनियर अधिकारियों ने गत समय के दौरान एक ही ठेकेदार गुरिंदर सिंह को विभाग के 60 प्रतिशत से अधिक काम नियमों और हिदायतों की अनदेखी कर अलॉट किया था। अधिकारियों ने गुरिंदर सिंह एंड कंपनी को नियमों की अनदेखी कर अधिक दरों पर ठेके अलॉट किए गए। वही विजिलेंस द्वारा सिंचाई विभाग में बीते समय के दौरान टेंडर अलॉट करने में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (1) डी और 13(2) सहित आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 477 -ए और 120 -बी अधीन विजिलेंस ब्यूरो, उड़न दस्ता -1, के एसएएस नगर स्थित थाने में केस दर्ज बताया जाता है।

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शुरुआती जांच के बाद पेंशन, भत्तों पर लगी थी रोक
घोटाला सामने आने के बाद तीनों आईएएस की पेंशन, भत्ते रोक दिए गए थे। पूछताछ के लिए सीएम की मंजूरी के बाद एक्शन लेने को फाइल चीफ सेक्रेटरी ऑफिस भेजी गई थी। विजिलेंस ने तीनों अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए सवालों की लिस्ट तैयार कर ली है। शनिवार को हुई विजिलेंस ब्यूरो के आला अधिकारियों की मीटिंग में सबसे पहले तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू को बुलाने का फैसला किया गया। पन्नू से पूछताछ मोहाली स्थित विजिलेंस ब्यूरो के हेडक्वार्टर में की जाएगी।

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कमेटी की रिपोर्ट पर सीएम ने दी पूछताछ को मंजूरी
पूछताछ की जिम्मेदारी 2 एआईजी, 2 डीएसपी व 1 इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। इसके लिए सीएम ने कमेटी की रिपोर्ट पर सीएम ने पूछताछ की मंजूरी दी। तीनों को विदेश भागने से रोकने के लिए एलओसी जारी की जा चुकी है।

अफसरों को 21 करोड़, मंत्रियों को 10 करोड़ रु. की कमीशन
ठेकेदार गुरिंदर सिंह ने विजिलेंस को बताया था कि तीनों आईएएस को 21 करोड़ और दोनों मंत्रियों को 10 करोड़ रुपए की कमीशन दी गई। गुरिंदर की सिंचाई विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी अफसरों के साथ उसकी सेटिंग थी। उसकी पसंद के अफसर लगाए जाते थे।