2019 लोकसभा चुनाव सात चरणों में होंगे – सुनील अरोड़ा

11 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. जबकि मतों की गिनती 23 मई को होगी.

सुनील अरोड़ा अपने दो सहयोगियों के साथ आम चुनाव की तिथियों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं.

17वीं लोकसभा के गठन के लिए 90 करोड़ लोग वोट डालेंगे. 18 से 19 साल के “डेढ़ करोड़ वोटर” इस चुनाव में पहली बार हिस्सा लेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक आठ करोड़ 43 लाख नए मतदाता इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

10 लाख पोलिंग बूथ पर वोट डाले जाएंगे. हर पोलिंग बूथ पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा.

1950 टोल फ़्री नंबर पर वोटिंग लिस्ट से जुड़ी जानकारी ले सकेंगे

कोई भी शख्स आचार संहिता के उल्लंधन की जानकारी एक एंड्रॉयड एप के जरिए दे सकता है. शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की जाएगी. और इस पर जांच करक एक्शन लिया जाएगा.

इसके अलावा ईवीएम मशीन को जीपीएस के जरिए ट्रैक किया जाएगा.

वोटिंग के 48 घंटे पहले लाउडस्पीकर पर बैन हर संवेदनशील स्थान पर सीआरपीएफ तैनात होगी.

इस बात की संभावना है कि आम चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभाओं के चुनाव कराए जाएँगे. जम्मू-कश्मीर की विधानसभा पिछले साल नवंबर में भंग हो चुकी है और नियमों के हिसाब से 6 महीने के अंदर विधानसभा चुनाव करवाने होंगे. इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि आम चुनाव से पहले या उनके साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हों.

पिछले यानी 2014 के लोकसभा चुनाव का ऐलान पाँच मार्च 2014 को किया गया था. मतदान 7 अप्रैल को शुरू होकर नौ चरणों में 12 मई को ख़त्म हुए थे 16 मई को नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत हासिल हुआ था और दूसरे सहयोगी दलों के साथ एनडीए की सरकार बनी. भाजपा को इन चुनाव में 282 सीटें मिली थीं.

चुनाव आयोग अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख भी तय करता है. उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख़ और वोटिंग की तारीख़ के बीच कम से कम 14 दिन राजनीतिक दलों को प्रचार के लिए दिए जाते हैं. इसके अलावा चुनाव का एलान होने और नामांकन भरने के बीच 7 दिन का समय रखा जाता है.