प्रधानमंत्री मोदी की पचपदरा जनसभा में 216 आत्माए न्याय मांगने पहुँची

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बाड़मेर जिले के पचपदरा में रिफाइनरी शिलान्यास के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पहुंचें तो वहां 9 वर्षो से इन्साफ की आश में तरस रही जोधपुर की 216 दिवगंत आत्माएं देश के आशावादी सर्वोच्च नेता श्री नरेन्द्र मोदी जी से न्याय की भीख मांगनें मेहरानगढ़ दुख्यान्तिका परिवार मंच संयोजक श्री विजय राव के नेतृव्व में पचपदरा पहुंची।
जोधपुर शहर का हर घर, हर गली, हर मौहल्ला गम के सागर में डुबा था। किसी का भाई, मित्र, रिस्तेदार तो किसी का पूत्र, पति तो किसी का पिता इस दुनिया को छोड़ चुका था। यह बात 30 सितम्बर 2008 के नवरात्रा के शुभारम्भ की है, जब प्रदेश में वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में भाजपा सरकार थी, तब जोधपुर शहर के मेहरानगढ़ दुर्ग में हुई भगदड़ में 216 युवाओं ने अपनी जान गंवा दि थी। शहर के शमशान में दाह संस्कार के लिए लकड़ीयां तक खत्म हो गई थी, पूरा शहर इस दुख से तिलमिला रहा था।
प्रधानमंत्री मोदी की पचपदरा जनसभा में 216 आत्माए न्याय मांगने पहुँची - जोधपुर

मेहरानगढ़ हादसे के दौरान वसुन्धरा सरकार ने मुआवजें की घोषणा के साथ ही इस हादसे की जांच हेतु आदेश भी प्रसारित करवायें। राज्य सरकार के आदेशानुसार जस्टिस जसराज चौपड़ा के नेतृत्व में आयोग का गठन किया गया। चौपड़ा आयोग द्वारा दो वर्ष सात माह में 860 पन्नों की अपनी रिर्पोट तैयार कर गृह विभाग को भेजवा दि गई। इस जाॅच में राज्य सरकार के करोड़ों रूपये भी खर्च हुऐं। तब तक सरकारें बदल गई और राजस्थान में श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली।
मेहरानगढ़ मंच के संयोजक श्री राव ने गहलोत सरकार से भी चौपड़ा आयोग की रिर्पोट सार्वजनिक करने के लिए जोधपुर से विधानसभा तक की पैदल यात्रा कि तथा 216 दिवगंत आत्माओं व उनके परिवारजनों के साथ विधानसभा का घेराव किया। इस घेराव के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चौपड़ा आयोग रिर्पोट को सार्वजनिक करने का आश्वासन दिया और यह भी कहा कि जो भी गुनाहगार होगा उसको बकसा नहीं जायेगा, परन्तु अन्त में यह भी राजनैतिक जुमलें बाजी ही साबित हुई।
वर्तमान में जब पूनः राजस्थान में वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में भाजपा ने सरकार बनाई तो फिर 216 दिवगंत आत्माओं ने न्याय की आशा का दिपक जलाया और विजय राव के नेतृत्व में अमर आत्माओं ने मुख्यमंत्री के जोधपुर प्रवास पर न्याय की गुहार लगाई तो जोधपुर भाजपाईयों ने कहा कि मुआवजा मिल गया अब और चाहिए इसलिए कर रहे है। यह बात समझ से परे है कि क्या मुर्दो को मुआवजा बांट दिया, अब इंसाफ की  जरूरत कहाँ है l जनाब मुआवजा और इंसाफ में फर्क है और इन 216 अमर आत्माओं को इंसाफ इसलिए नहीं मिल रहा है, क्योंकि चौपड़ा आयोग की रिर्पोट के सार्वजनिक होने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद तथा वर्तमान के केन्द्रीय बोर्ड अध्यक्ष को जेल जाना होगा।
इंसाफ की आश में विजय राव के द्वारा सरकार दहन यात्रा पूरे जोधपुर शहर में निकाली जा रही है। इस यात्रा के दौरान 216 मुख्यमंत्री के पूतलों का दहन किया जायेंगा, अब तक मंच द्वारा 26 पूतलों का दहन किया जा चुका है।
जस्टिस चौपड़ा आयोग की रिर्पोट सार्वजनिक करने के लिए 216 दिवगंत आत्माएं एवं उनके परिवारजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से मिलने पचपदरा पहुंचें, परन्तु महारानी वसुन्धरा राजे की तानाशाही प्रशासन ने उन्हें सभा स्थल तक पहुचनें नहीं दिया।प्रधानमंत्री मोदी की पचपदरा जनसभा में 216 आत्माए न्याय मांगने पहुँची - जोधपुर
’’सवाल यह है कि आयोग द्वारा जाॅच में करोड़ों का राजकोष खर्च करने के बाद भी रिर्पोट सार्वजनिक नहीं करना और विपक्ष में बैठी काॅग्रेस द्वारा चूपी साध लेना।’’
“क्या यह 216 दिवगंत आत्माओं के साथ अन्याय नहीं है?