गुजरात की सीएम आनंदीबेन ने भ्रष्टाचार से जुटाई 5000 करोड़ की संपत्ति, भास्कर ने खबर छापकर हटाई !

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गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और उसके बेटे और बेटी ने भ्रष्टाचार से 5 हजार करोड़ की संपत्ति एकत्रित की. ऐसे चौंकाने वाले आरोप के साथ राज्य के दूसरे नंबर के मंत्री नितिन पटेल का ह्स्ताक्षरित पत्र इन दिनों गुजरात के लोगों के लिए कौतूहल का प्रश्न बना हुआ है। इस पत्र की कॉपी दिव्य भास्कर डॉट काम के पास है और तीन दिन पहले ही यह पत्र रिपोर्ट के साथ दिव्य़ भास्कर डॉट काम ने अपनी वेबसाइट पर लगाया था लेकिन कुछ घंटों में ही इसे दबाववश या किसी कारणवश साइट से हटा लिया।

अहमदाबाद के एक सूचना कार्यकर्ता ने जिला आयुक्त को इस पत्र को हटाने के मुद्दे को लेकर जानकारी मांगी है. उसका कहना है कि अगर यह जानकारी सही है तो इस बारे में प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और अगर यह पत्र गलत है तो उसके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए. उनका कहना है कि मीडिया बिना कोई जांच किए बगैर तो कुछ नहीं प्रकाशित करता. बिना जांच किए प्रकाशित करने से उन्हें नोटिस दिया जाता है. इस पूरे एपीसोड में गुजरात सरकार खामोश बैठी है.

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यह पत्र वॉटस अप में मीडिया को भी गुजराती में जारी किया गया था। छह पृष्ठ के इस पत्र में नितिन पटेल ने आनंदी बेन पटेल के भ्रष्टाचार की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि राजस्व और शहरी विभाग पिछले दरवाजे से उनके पुत्र और पुत्री संभाल रहे हैं. उनकी रोज की आय 50 करोड़ है. बिल्डर लॉबी को धमकी देकर उनके पुत्र और पुत्री को भागीदार बनाने का आरोप भी लगाया गया है. आनंदी बेन पटेल के पास वडोदरा में 700 एकड़ जमीन उसकी बेटी अनार पटेल के पास, राजकोट में 1600 एकड़ जमीन और जूनागढ़ गिर सेंचुरी के पास 1200 एकड़ जमीन है और उनके बच्चों के पास अहमदाबाद और गांधीनगर में 2500 एकड़, अमरेली जिले में 1200 एकड़, सुरेन्द्र नगर में 1400 एकड़, सूरत में 560 एकड़ जमीन को मिलाकर अरबों रुपए की जमीन है.

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पत्र में आरोप लगाया है कि आनंदी बेन के बेटे-बेटी और दामाद के विदेश यात्रा की जांच भी होनी चाहिए. इतना ही नहीं राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री होने के नाते सूरत की वीआईपी क्षेत्र में स्थित कृषि विश्वविद्यालय की जमीन आबंटित करने के नाम पर बिल्डर से एडवांस के तौर पर 500 करोड़ रुपए ले लिए. लेकिन अभी तक बिल्डरों को जमीन नहीं दी गई. सूरत के कार्यकर्ताओं और बिल्डर लॉबी में इस बात की चर्चा है. स्कूल में बरामदे बनाने के ठेके में भी आनंदीबेन पटेल की बेटी अनार पटेल पर आरोप लगाए गए हैं. उस समय आनंदी बेन पटेल शिक्षण मंत्री थीं. उस समय गुजरात की प्राथमिक शालाओं में बरामदे बनाने का काम सिंटेक्स कंपनी के साथ किया था। पत्र में आरोप लगाया है कि यह ठेका अनार पटेल को दिया गया था और इसमें करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ था. पत्र में खुलेआम आरोप लगाया है कि अगर कोई बिल्डर कोई भी फाइल ले जाता है तो उसमें मुख्यमंत्री अपने बच्चों की भागीदारी करवाती है.

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गुजरात में स्थानीय चुनाव होने वाले हैं। इसीलिए ऐसा समझा जा रहा है कि तमाम आरोपों प्रत्यारोपों का अनविरत सिलसिला चल रहा है लेकिन अगर तमाम आरोप झूठे हैं तो सरकार इसका जवाब क्यों नहीं दे रही। यह रहस्य़ गहराता जा रहा है.