अलर्ट मोड पर आया चिकित्सा विभाग, एक हजार से अधिक पहुंची मरीजों की संख्या

जोधपुर। मौसमी बीमारियों को लेकर प्रदेश अलर्ट मोड पर है। जोधपुर सहित पूरे राजस्थान में डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है। प्रदेश में अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है जबकि अगस्त तक प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या 500 के आसपास ही थी।

मौसमी बीमारियों के चलते चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने भी प्रदेश भर में प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा विभाग, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और पशुपालन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। वहीं डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच श्रम मंत्री टीकाराम जूली को भी डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। जूली की जांच सवाई मानसिंह अस्पताल में करवाई गई थी। इधर पिछले महीने तक डेंगू व अन्य बीमारियों के आंकड़ों को साप्ताहिक तौर पर अपडेट कर रहा चिकित्सा विभाग अब इसमें रूचि नहीं दिखा रहा है। करीब दो सप्ताह से विभाग की ओर से आंकड़े वेबसाइट पर अपडेट ही नहीं किए गए हैं। दस सितंबर तक विभाग आधिकारिक तौर पर प्रदेश में मरीजों की संख्या 861 ही दिखा रहा है।

चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू बारिश के बाद, खास तौर पर जुलाई से अक्टूबर तक फैलता है और यह बच्चों पर असर तेजी से दिखाता है। स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में डेढ़-दो लाख प्लेटलेट्स होते हैं, जो डेंगू के कारण एक लाख से कम हो सकते हैं। मरीज के खून में डेंगू का वायरस अधिक मात्रा में होता है। मरीज को काटने के बाद मच्छर दूसरे व्यक्ति को काटे तो उसे भी डेंगू हो सकता है। डेंगू रोग तीन तरह का होता है साधारण डेंगू बुखार, डेंगू हैमरेजिक बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम। साधारण डेंगू बुखार ठीक हो जाता है लेकिन दूसरे-तीसरे नंबर का डेंगू का तत्काल इलाज शुरू न हो तो यह जानलेवा हो सकता है। शुरू न हो तो यह जानलेवा हो सकता है।

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