पुरालेखीय सामग्री का अवलोकन किया

जोधपुर। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट एवं चौपासनी शिक्षा समिति द्वारा संचालित राजस्थानी शोध संस्थान चौपासनी जोधपुर का महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के राजस्थानी विभाग के विद्यार्थियों एवं आचार्यों ने अवलोकन किया। विद्यार्थियों के दल ने राजस्थानी शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित परम्परा: शोध पत्रिका व अन्य प्रकाशन हस्तलिखित ग्रन्थ, ठिकाना बहियां, शाहपुरा रिकॉर्ड, संदर्भ पुस्तकालय एवं अन्य अनुभाग देखे।

दल के साथ राजस्थानी विभाग की अध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा थी। उन्होंने संस्थान में संग्रहित अमूल्य धरोहर का अवलोकन कर बताया कि यह बहुमूल्य सामग्री शोधार्थियों एवं आम पाठकों के लिए बहुत उपयोगी है। हस्तलिखित ग्रन्थ एवं ठिकाना रिकॉर्ड राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं इतिहास का अध्ययन करने वाले शोधार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. विक्रमसिंह भाटी ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि यहां राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, ज्योतिष, आयुर्वेद आदि से सम्बन्धित विपुल मात्रा में सामग्री संग्रहित है। इस सामग्री से देश-विदेश के कोई 500 से अधिक शोधार्थी लाभान्वित हो चुके है। यहां समय-समय पर राष्ट्रीय संगोष्ठियों एवं पाण्डुलिपि पठन कार्यशाला में विद्वान एवं इतिहासकार शिरकत करते है। इस अवसर पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में राजस्थानी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. आईदानसिंह भाटी, राजस्थानी शोध संस्थान के शोध अधिकारी डॉ. सद्दीक मोहम्मद, मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के निशा पूनिया, अन्तरीन, डॉ. सुखदेव राव आदि उपस्थित थे।

 

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