एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों की इकाइयों के साथ साठ-गाठ।

सूचना मिलने पर भी अनसुना करने की आदत और संज्ञान के बाद भी सजा न देने की कवायद में दमन एक्साइज़ विभाग के अधिकारी अव्वल देखे गए। महीनों पहले एक्साइज़ विभाग के आयुक्त दीपक अरोड़ा को क्रांति भास्कर ने दमन वेलनोन पोलिस्टर लिमिटेड की अनियमितताओं एवं टैक्स चोरी से संबंधित मामलों में सूचित किया, आयुक्त ने संज्ञान लेकर उक्त इकाई की कुछ अनियमितताओं पर तत्काल अंकुश तो अवश्य लगा दी, लेकिन उसके बाद उक्त इकाई को सजा देने की हिचकिचाहट शायद उक्त इकाई द्वारा उक्त अधिकारी पर डाले गए बोझ की हकीकते बयान करती दिखाई देती है। उक्त इकाई पर जब भी आगे की कार्यवाई की बात तो उक्त विभाग एवं विभागीय आयुक्त किसी न किसी तरह अपना पल्ला झाड़ गुजरात प्रशासन एवं दमन-दीव प्रशासन पर कीचड़ उछालने का काम करती रही और उक्त इकाई को बचाती रही, फिलवक्त तो यही कहां जा सकता है, जिसका प्रमुख कारण है की एक लम्बे समय के बाद भी नहीं अभी तक एक्साइज़ विभाग ने उक्त इकाई को नोटिस जारी किया नहीं अपनी जांच पूरी की आखिर जांच पूरी हो भी कैसे जब उक्त इकाई ने अपनी पहोच के दम पर अधिकारियों को अपना जो बना लिया, लेकिन इतिहास गवाह है नहीं किया छुपा है नहीं करामत, जल्द इस इकाई एवं उक्त विभाग के अधिकारियों की साठ-गाठ से भी पर्दा उठेगा।

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वेलनोन पोलिएस्टर की लंबित जांच को और कितना लंबित करेंगे एक्साइज़ विभाग के अधिकारी, आखिर उक्त इकाई ने एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों को कैसे पटाया, माल खिलाया या दबाव बनाया, खुलासा जल्द।

 

लेकिन दमन की वेलनोन पोलिएस्टर लिमिटेड इकाई एवं एक्साइज़ विभाग के इस ताल-मेल एवं मामले ने एक्साइज़ विभाग एवं विभागीय अधिकारियों की पोल खोल कर रख दी है, जब इस इकाई की अनियमितताओं की खुली रिपोर्ट आयुक्त सवम देख चुके है तो उसके बाद भी उक्त इकाई पर संज्ञान लेने में महीने गुजर गए तो उन इकाइयों का क्या आलम होता होगा जिनकी शिकायते तक उक्त विभाग नहीं होती, आखिर यह विभाग भारत सरकार को कितने गर्त में डालेगी यह तो देखने वाली बात है, लेकिन इस इकाई की करतूतों एक और विभाग की पोल जरूर खोल दी। पूर्व में इस इकाई ने विधुत विभाग के अभियंताओं को प्रतिमाह धूस देने का खुलासा क्रांति भास्कर के खुफिया कैमरे के माध्यम से किया था,शायद इस बार एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों की बारी है,हो न हो उक्त इकाई की अनियमितताओं से जितनी परेशान आम जनता देखी गई,उक्त इकाई ने उस से कई अधिक अपनी अनियमितताओं से सरकार को परेशान किया है,लेकिन अब मामला टैक्स चोरी और एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों के साथ साठ-गाठ का है,हालांकि क्रांति भास्कर के सूत्र बताते है की उक्त इकाई एवं एक्साइज़ विभाग के अधिकारियों की बीच कोई बड़ी डील एवं सोदे-बाजी हुई है लेकिन इस मामले अब भी क्रांति भास्कर अपनी खोज जारी रखते हुए कुछ और सबूतों की तलाश में जुटी है,जल्द क्रांति भास्कर एक्साइज़ विभाग के उन अधिकारियों के खुलासे करेगी जिनकी साठ-गाठ उक्त इकाई से है,और हो न हो इस इकाई की अनियमीताओं एवं अधिकारियों की मिलीभगत से अब यह मामला किसी उच्चस्तरीय जांच कमिटी की प्रतीक्षा में दिखाई दे रहा है जिससे शायद उक्त इकाई के साथ कई अधिकारी भी जांच कमिटी का कोपभाजन बनते दिखाई दे रहे है। शेष फिर।

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