छज्जा गिरने से मरे गार्ड के परिजनों ने मांगे 50 लाख

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जोधपुर। डा. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम के छज्जे गिरने से मौके पर ही खत्म हुए सुरक्षा गार्ड के परिजनों ने महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर काफी देर तक प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग थी कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज और सावर्जनिक विभाग के अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही मृतक के परिजनों को पचास लाख का मुआवजा तथा एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी गई। तब एसडीएम सुमित्रा पारीक मौके पर पहुंची और परिजनों से मुलाकात और समझाइश की। उनको आश्वस्त किया की वर्षाजनित हादसे में मृतक के परिजनों को मिलने वाले चार लाख रुपए का मुआवजा दिलाने के लिए शीघ्र सरकारी स्तर पर कार्यवाही की जाएगी। वहीं मामले की जांच के लिए गुरुवार सुबह कलक्टर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

वहीं मेडिकल कॉलेज की तरफ से भी परिजनों को आश्वस्त किया गया कि वे इस हादसे की जांच के लिए एक कमेटी का गठन करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शव को उसके पैतृक गांव अलवर ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था और पचास हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी। नियोक्त कंपनी ने भी अपने स्तर पर मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। शास्त्रीनगर थानाधिकारी रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम करवाने के साथ परिजनों को सौंपा गया है। फिलहाल मर्ग की कार्रवाई की गई। किसी के खिलाफ रिपोर्ट अभी नहीं दी गई है। बता दे कि बुधवार को बारिश के दौरान डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम के मुख्य प्रवेश द्वार का छज्जा गिरने से मलबे में दबने से सुरक्षा गार्ड किशोरीलाल शर्मा (50) की मृत्यु हो गई थी। गार्ड के ऑडिटोरियम के बाहर की लाइटें चालू कर लौटने के दौरान यह हादसा हुआ। कुछ दूर साइकिल स्टैड के शेड के नीचे खड़े एक अन्य गार्ड हापाराम ने हादसा होते देखा तो कॉलेज के अन्य गार्ड व अधिकारियों को सूचना दी। सभी मौके पर पहुंचे। जेसीबी भी बुलाई गई। मलबा हटाकर गार्ड को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें टूट चुकी थी। हालांकि एम्बुलेंस की मदद से उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक किशोरीलाल शर्मा मूलत: अलवर हाल डिगाड़ी का रहने वाला बताया गया है।