बेटियों की बारात आने से पहले भाई-भाभी और पत्नी के तलवार से सिर काटे

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जोधपुर। संभाग के जैसलमेर जिले में पोकरण क्षेत्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गुस्से में अपने ही भाई परिवार के तीन सदस्यों का सिर कलम कर देने का मामला सामने आया है। घटना फलसूण्ड थाना क्षेत्र के रुपसर गांव की है। यहां एक व्यक्ति ने अपने ही भाई, भाभी और पत्नी का तलवार से सिर काट दिया और फिर खुद भी घर के पास बने टांके में कूद कर आत्महत्या का प्रयास किया। जिसे बाद में टांके से निकालकर पोकरण अस्पताल लाया गया। जहां से उसे जोधपुर रैफर किया गया है। परिवार की हत्या के आरोपित का जीवन भी खतरे में फंसा हुआ है।फलसुंड थाना पुलिस ने बताया कि हत्या करने वाले दल्लाराम ने बीती रात करीब तीन बजे के बाद पहले तो अपनी पत्नी कमला देवी की तलवार से हत्या कर डाली। उसके बाद छोटे भाई रेवताराम की हत्या कर उसकी पत्नी हरिया देवी की भी हत्या कर डाली। हत्या करने के बाद आज तडक़े वह मकान के पास ही बने टांके में जा कूदा। परिवार के लोगों ने जब यह मंजर देखा तो दल्लाराम की तलाश की। वह कुएं में अचेत पाया गया। उसे पुलिस और परिजन पोकरण स्थित सरकारी अस्पताल में ले गए। हत्या करने क कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने बताया कि हत्या करने वाले रेवताराम की दो बेटियों की शादी थी। आज ही दोनो की बारात आनी थी।परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि घर में कुछ दिनों से खुशी का माहौल था। दल्लाराम की दो बेटियों की शादी होनी थी। दोनो बेटियों की बारात आज एक साथ ही गांव में आनी थी। गुरुवार को भी घर पर मेहंदी और अन्य रस्में जारी थी। इस बीच गुरुवार पूरे दिन से लेकर रात दो बजे तक पूरा परिवार, आसपास के गांव वाले और अन्य सगे संबधी भी खुशियों में शामिल रहे। रात दो बजे तक नाच गाना चल रहा था। परिवार में खुशियों का माहौल था। लेकिन इस बीच जो हत्याकांड हुआ उसने पूरे परिवार को ही सदमें मे ला दिया।जानकारों के अनुसार हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। घटना देर रात की ओर से गांव वाले सब नींद में थे, लेकिन जब चीख, पूकार की आवाज सुनी तो पड़ौसी जाग गए और मौके पर पहुंचे तब तक दो महिलाओं सहित तीन लोगों के सिरकटे शव और धड़ बिखरे हुए थे और मौके पर खून था। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिए और हत्या करने वाले व्यक्ति को टांके से बाहर निकाल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।