45 वार्डों में बाडेबंदी, क्रॉस वोटिंग के खतरे से भी जूझ रहे हैं भाजपा-कांग्रेस

    जयपुर। प्रदेश के 90 निकायों में से 45 निकायों में कांग्रेस-भाजपा, निर्दलीय या अन्य भी अपना-अपना बोर्ड बनाने की मशक्कत में मशगूल हो रहे हैं। चुनाव जीतने वाले सदस्य बाड़े में हैं, जहां उन्हें सात दिन गुजारने है। इतना ही नहीं भाजपा-कांग्रेस के बहुमत वाले 43 जगह पर टूट-फूट के खतरे को देखते हुए प्रशिक्षण के नाम पर बाड़ेबंदी चल रही हैं, जहां की बराबर निगरानी भी विभिन्न नेताओं को जिम्मेदारी देकर की जा रही है। इतनी सावचेती के चलते भी टोंक के निवाई नगर पालिका ने जोड़-तोड़ की शुरूआत करते हुए अधिकतर कांग्रेस से बगावत कर एनसीपी के टिकिट पर चुनाव जीते 17 पार्षदों में सोमवार को ही भाजपा मुख्यालय पहुंच कर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है जिससे जहां एनसीपी का बोर्ड बनने के कयास लगे थे उन पर भी विराम लग गया।

    वहीं 6 जगहों पर भाजपा-कांग्रेस के बराबर जीतने वाले सदस्यों की संख्या बराबर-सी है। एसे में दोनों ही पार्टी के नेता क्रॉस वोटिंग कराने व निर्दलीयों की मदद की जुगत में लगे है। लक्ष्मणगढ़, छापर, राजलदेशर, भवानीमंडी, सांचौर, भवानीमंडी और कापरेन के निकायक है।

     अध्यक्ष पद पर नामांकन आज 3 बजे थम गया। वहीं 3 फरवरी को नामांकनों की जांच के बाद 4 फरवरी को नामांकन वापसी का दिन रहेगा उसी के बाद स्थिति कुछ साफ होगी। क्योंकि दोनों ही प्रमुख पार्टियां उन जगह भी अपने-अपने प्रत्याशी उतारेगी जहां पर बहुमत भी नहीं है। इस उम्मीद में कि उनकी जोड़तोड़ काम आ ही जाये। यूं भी दो ही पार्टियां एक दूसरे के सामने चुनौती खड़ी करना चाहती है, इसलिए सभी जगह पर प्रत्याशी उतारने की योजना बनाई है।