कांग्रेस-भाजपा अपनी-अपनी गणित बताकर कर रहे हैं जीत के दावे

जयपुर (अविनाश कुमावत)। राजस्थान के 20 जिलों की 90 निकायों पर चुनाव नतीजे आ जाने के बाद भी दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी गणित समझाते हुए एक-दूसरे पर जीत के दावे ठोक रही है। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की ओर से जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कमान संभाल रखी है तो वहीं भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया भी पीछे नहीं रहे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अजय माकन का दावा है कि 48 निकायों में कांग्रेस भाजपा के मुकाबले आगे है। वहीं चार निकायों में निर्दलीय कांग्रेस के समर्थन से आए हैं। इस तरह कांग्रेस के 52 बोर्ड बनने की संभावना है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा पर जमकर निशाना तो साधा ही पर वे कांग्रेस की बढ़त को ‘आंकड़ों’ के ज़रिये समझाने से बच गए। हालांकि डोटासरा ने दावा किया कि अब भाजपा के आधे बोर्ड ही बन पाएंगे जबकि कांग्रेस 50 से ज्यादा बोर्ड बनाने की स्थिति में है। डोटासरा ने दावा किया कि उपचुनाव वाली जगहों पर कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे। वहीं डोटासरा ने अजमेर नगर निगम चुनाव में मिली हार के बारे में कहा कि भले ही यहां कांग्रेस बोर्ड नहीं बन सकता, लेकिन हमने बेहतर प्रदर्शन किया है।

ये भी पढ़ें-  विकासखण्ड राजनगर के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र बसारी में बेचिंग मैचिंग कैम्प का हुआ आयोजन

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनावों के नतीजे को सुखद बताते हुए कांग्रेस पार्टी के विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनायें देते हुए मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि परिणामों में मत प्रतिशत और विजयी पार्षदों की संख्या के मामले में कांग्रेस पार्टी प्रतिद्वंदी से बेहतर है।

ये भी पढ़ें-  जोधपुर जिला कलक्टर को भेंट की रोबोट ट्रॉली

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि इस चुनाव में भी सत्ता की वादाखिलाफी के खिलाफ राजस्थान की जनता ने कांग्रेस को शिकस्त दी है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 1948 के आंकड़े निकालेंगे और नेहरू के जमाने की बातें करेंगे। मगर पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी दल को हार मिली है।

ये भी पढ़ें-  गजब है इस चायवाले की इनकम! चाय बेचकर एक महीने में कमाता है 12 लाख

सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी निकाय चुनाव परिणामों में रालोपा पार्टी प्रत्याशियों की परफोर्मेंस पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम यह बता रहे है की आरएलपी का शहरी क्षेत्र में भी जनाधार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि परिणाम यह भी बता रहे हैं कि जनता राजस्थान में तीसरे मोर्चे को मजबूती प्रदान कर रही है जिसके सकारात्मक परिणाम 2023 में दिखेंगे। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में 133 सीट पर आरएलपी ने चुनाव लड़ा और 13 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि लगभग 40 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। कई निर्दलीय आरएलपी के सहयोग से भी विजयी हुए।