दादरा में ओधोगिक इकाइयों के प्रदूषण से जनता परेशान: राजेश हलपति।

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इन दिनों दादरा में कई औधोगिक इकाइयां अपना प्रदूषित पानी बिना ट्रीटमेंट के सीधे ही नालियों और छोटे नालो में छोड़ रही है, जिससे यहां की मिट्टी और पेय जल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वर्षो से यह कंपनियाँ खुलेआम पर्यावरण के नियमों का उलंधन कर रही है और दानह प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारियों को इसकी जरा सी भी भनक नहीं है, यह बात बड़ी हैरान कर देने वाली है।

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प्लाट नंबर 71 शीतल इंडस्ट्रीज एरिया में स्थित हेम इंडस्ट्रीज समेत कई ऐसी कंपनियाँ है जो प्रदूषण नियंत्रण समिति को कुछ नहीं समझती और बेखोफ होकर अपना जल प्रदूषण नालियों के जरिए बाहर निकालती है। इस बारे में कई बार शिकायत की गई मगर अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस इकाई का डिस्प्ले बोर्ड पूरी तरह से कोरा है यह कंपनी क्या बनाती है कितनी मात्रा में बनाती है इस प्रक्रिया में कितना अवशेष बचता है इसका जिक्र डिस्प्ले बोर्ड में नहीं है। जबकि नियमानुसार डिस्प्ले बोर्ड पर सारी जानकारी होनी चाहिए। इस संदर्भ में दादरा के राजेश हलपति का कहना है कि यह कंपनियाँ पूरे वर्ष खुलेआम नियमों का उल्लंघन करती है जबकि 5 जून को यह कंपनियाँ सिर्फ ढोंग दिखाने के लिए पर्यावरण दिवस मनाती है, इससे क्या पर्यावरण दुरुस्त हो जाएगा? लोगो की मांग है की दानह प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष को प्रदूषण फैलाने वाली इन कंपनियों पर ठोस कार्यवाही करनी चाहिए ताकि दादरा के पर्यावरण की रक्षा की जा सके, यहां की मिट्टी, हरियाली, जल और वायु का संरक्षण हो सके, साथ ही अध्यक्ष महोदय को प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव पर भी ठोस कार्यवाही करनी चाहिए।