कांग्रेस से अधिक NGO में व्यस्थ, अजब गज़ब राजनीति!

केतन एनजीओ ने 50 जरूरतमंद परिवारों को दिया एक साल का राशन | Kranti Bhaskar
Ketan Patel Daman NGO

संध प्रदेश दमन-दीव में जब से प्रशासक पद पर प्रफुल पटेल की नियुक्ति हुई है, तब से दमन-दीव कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल, कांग्रेस से अधिक, कभी केतन एन-जी-ओ तो कभी पहल एन-जी-ओ तो कभी किसी अन्य एन-जी-ओ में व्यस्थ देखे गए। अब इसी व्यस्थता के तहत केतन पटेल ने उधोगों से कितनी वसूली की यह तो जांच का विषय है, लेकिन इस व्यसथा के तहत कांग्रेस को कितनी हानी हुई इसका पता तो कांग्रेस की आला कमान को लगाना चाहिए।

…ताकि ना ही वह प्रशासन के भ्रष्टाचार का ढ़ोल पीटे और ना ही उनके काले-कारनामों का ढ़ोल फूटे?

वैसे एन-जी-ओ में केतन पटेल की व्यसथ्या के चलते, दमन विधुत विभाग, लोक निर्माण विभाग, तथा अन्य विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी केतन पटेल की और से कोई खास प्रतिक्रीया देखने को नहीं मिली, मामला आम जनता के रोजगार का हो या सरकारी नोकरी का लगभग सभी मामलों में किनारा कर ना जाने केतन पटेल एन-जी-ओ के सहारे कोनसी खिचड़ी पकाने में लगे है? अब दमन-दीव कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल की, कांग्रेस से अधिक एन-जी-ओ में व्यस्थता का कारण क्या है यह तो केतन पटेल ही जाने, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल की इस व्यस्थता पर जनता बाजार में अलग अलग सवालो का पिटारा लेकर घूम रही है।

दमन-दीव कांग्रेस की खामोशी, जनता को यह संदेश, प्रशासक प्रफुल पटेल के नेतृत्व में काम करने वाले अधिकारी अब तक के सबसे ईमानदार अधिकारी है?

Ketan Patel Write Letter Prasasak
जनता में सवाल और चर्चा यह भी है की जिला पंचायत में सुरेश पटेल को कांग्रेस द्वारा समर्थन देने का कारण क्या है? प्रशासन की खराब कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर केतन पटेल की कामोशी का कारण क्या है? कही ऐसा तो नहीं की दमन-दीव कांग्रेस जनता को यह संदेश देना चाहती है की प्रशासक प्रफुल पटेल के नेतृत्व में काम करने वाले अधिकारी अब तक के सबसे ईमानदार अधिकारी है? या कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल पूर्व में की गई काली-कर्णियों पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस से अधिक एन-जी-ओ में व्यस्थ हो गए, ताकि ना ही वह प्रशासन के भ्रष्टाचार का ढ़ोल पीटे और ना ही उनके काले-कारनामों का ढ़ोल फूटे?

Ketan NG, Ketan patel

क्यो कि ना ही केतन पटेल द्वारा होने वाली वसूली में कमी आई है ना ही दाबेल में जिग्नेश पटेल उर्फ जिगगु की भाईगीरी बंद हुई है फिर क्या कारण है की केतन पटेल दमन-दीव में हो रहे भ्रष्टाचार पर खामोश रहकर, दमन-दीव के भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों को ईमानदार साबित करने में लगे है और दमन-दीव प्रशासक प्रफुल पटेल, दाबेल में हो रही वसूली पर कार्यवाही ना कर, केतन पटेल तथा जिग्नेश पटेल की करतूतों और काले कारनामों को नजर अंदाज करने में लगे है? यह कैसी राजनीति है और कैसा विकास यदि समय हो तो केतन पटेल विस्तार से जनता को बताए, जनता जानना अवश्य चाहेगी, वैसे जब इस मामले में जब विस्तृत जानकारी केतन पटेल जनता को दे, तब यह जानकारी भी दे दे की उनके और उनके परिवार की कुल ज़मीनों की आज की बाजार कुल कीमत क्या है, वैसे अगर जमीन मामले में यदि केतन पटेल जनता को यह जानकारी नहीं भी देते तो आने वाले समय में यह जानकारी क्रांति भास्कर अवश्य जनता के सामने रखेगी, हालही में क्रांति भास्कर की टीम के हाथ केतन पटेल के परिवार की जमीन के कुछ चोकाने वाले दस्तावेज़ और जमीन की कीमत के बारे में जानकारिया मिली है कीमत इतनी है की दमन-दीव की जनता कीमत सुनकर ही भौचचक्की रह जाए, वैसे फिलवक्त क्रांति भास्कर की टीम उन दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल कर रही है जल्द क्रांति भास्कर, जनता व प्रशासन के सामने पूरा मामला रखेगी। शेष फिर।