मेधना यादव की इस कार्यवाही से जनता को मिला अच्छे दिन का सबूत!

Kranti Bhaskar - Daman News, Silvassa News, Vapi News and Valsad News | आईजीपी मनीष अग्रवाल का कार्यकाल पूरा, मेघना यादव ने संभाला कार्यभार image 2

दमन : नानी Daman Police थाने में अवैध वसूली के आरोप में Daman एसडीपीओ आशीष आनन, हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ एवं एक लड़की के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, बताया जाता है कि, Police अधीक्षक मेघना यादव की स्वीकृति के बाद दर्ज की गई एफआईआर से Daman Police महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि पहली बार इस तरह के मामले में दानिप्स रैंक के अधिकारी को आरोपी बनाया गया, जबकि हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ पहले से ही इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त बताया जाता है, लेकिन इस बार जिस तरह जतिन धनकड़ ने एक लड़की का इस्तेमाल कर अवैध वसूली को अंजाम दिया था उससे Police महकमा भी शर्मसार हो रहा है।

सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच में तैनात प्रज्ञेश ईश्वर पटेल नामक कांस्टेबल द्वारा 16 अक्टूबर को दर्ज करवाई गई शिकायत में बताया गया है कि 26 सितंबर की सुबह 10 बजे कोस्टल थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ क्राइम ब्रांच ऑफिस आया। उस समय मौके पर उसके साथ हेड कांस्टेबल अनिल वाजा, हेड कांस्टेबल जे. पी. यादव, निरल पटेल, मिलिन बारिया, अश्विन चौहान इत्यादि मौजूद थे। वहाँ जतिन ने अनिल वाजा से कहा कि उसे क्राइम ब्रांच के इंचार्ज दिनेश वाजा से बात करनी है, लेकिन उस समय दिनेश वाजा अपने कार्यालय में नहीं थे। जब वे आए तो उसने बात की और बाद में दिनेश वाजा वहां से चले गए। प्रज्ञेश ने दी शिकायत में आगे बताया कि उसी दिन शाम को लगभग 5 बजे जतिन वापस क्राइम ब्रांच दफ्तर आया और उसने हेड कांस्टेबल अनिल वाजा से बातचीत की और बाद में अनिल वाजा ने कहा कि देवका चलना है गाड़ी निकालो। फिर उसने क्राइम ब्रांच की टीम को साथ लेकर देवका गार्डन गया। उसने बताया कि एक लड़की उसकी परिचित है, जिसे एक आदमी परेशान कर रहा है उसे गिरफ्तार करना है। उसके बाद उसने मोबाइल पर हिंदी में एक लड़की से बात की और पूछा कि वह कहां है। इसके बाद एक लड़की ने उसे हाथ दिखाया। जिसके बाद जतिन धनकड़ ने क्राइम ब्रांच की टीम को कहा कि वह आदमी जैसे ही आएगा, उसे उठा लेना है। इसके बाद लड़की के इशारे पर क्राइम ब्रांच की टीम उस आदमी को उठाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय पर लेकर आई। जहां पूछताछ में उस आदमी का नाम महिपाल सिंह रावत मालूम चला। थोड़ी देर बाद वहां पीआई दिनेश वाजा भी आए और गिरफ्तार आदमी की जानकारी लेकर चले गए, तब तक रात हो चुकी थी। रात को लगभग 9.30 बजे एसडीपीओ आशीष आनन जिनके पास क्राइम ब्रांच का भी चार्ज है, अपने पीएसओ नरेन्द्र राजपूत के साथ बाइक पर ही क्राइम ब्रांच दफ्तर पहंचे। प्रज्ञेश ने आगे बताया कि इसके बाद जतिन धनकड़ ने महिपाल को धमकाते हुए कहा कि अगर वह इस मामले में बचना चाहता है तो उसे मोटी रकम देनी पड़ेगी। एसडीपीओ साहब यही हैं, मामला निपट जाएगा, अन्यथा उसे जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता है। इसी दौरान बातचीत में लड़की का नाम भी मालूम चला। जतिन धनकड़ स्वयं स्कॉर्पियो से उस लड़की को तीनबत्ती छोड़ने गया। तब तक रात के लगभग 11.30 बज चुके थे। एसडीपीओ आशीष आनन वहां से निकल रहे थे, लेकिन जाने से पूर्व उन्होंने शिकायतकर्ता प्रज्ञेश को निर्देश दिया कि महिपाल रावत को रात भर यहीं ऑफिस में ही रखना और वह स्वयं रात को यहीं रुके। रात भर क्राइम ब्रांच कार्यालय में रहने के बाद सुबह 9 बजे प्रज्ञेश घर चला गया, जहां से सुबह सीजेएम कोर्ट में केस होने के कारण वह सीधे कोर्ट चला गया। लेकिन उसने अपने स्टेटमेंट में बताया कि बाद में जब वह क्राइम ब्रांच ऑफिस आया तो साथी Police कर्मियों ने बताया कि जतिन धनकड़ ने महिपाल सिंह के मोबाइल फोन से ही किसी को फोन करके पैसे के लिए धमकाया और बाद में वह वापी जाकर वहां से एक आंगडि़या पेड़ी से 6 लाख रुपए लेकर आया। प्रज्ञेश ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि जिस तरह पूरी घटना घटी इससे स्पष्ट था कि लड़की के साथ मिलकर एसडीपीओ आशीष आनन एवं हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ ने महिपाल सिंह नामक शख्स को फंसाया और उससे अवैध तरीके से पैसे वसूले। इसी शिकायत पर नानी Daman Police थाने में एसडीपीओ आशीष आनन, हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ एवं भवरी शर्मा (काल्पनिक नाम) के खिलाफ आईपीसी की धारा 384, 120 व 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल एसडीपीओ आशीष आनन, हेड कांस्टेबल जतिन धनकड़ एवं लड़की लापता हैं। इस मामले की जानकारी के लिए जब Police अधीक्षक मेघना यादव से मोबाइल फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जबकि निचले स्तर के सभी अधिकारी मामला हाईफाई होने के कारण जानकारी देने से मना करते रहे। गौरतलब है कि Daman Police छोटे-छोटे मामलों में फोटो के साथ प्रेस बयान जारी करती है, लेकिन अपने ही महकमे के इतने संगीन मामले में अभी तक Police प्रशासन की ओर से कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। लोगों की मांग है कि इस मामले में Police विभाग की ओर से विधिवत प्रेस बयान जारी कर पूरी घटना को जनता के सामने लाया जाये। इस मामले में Police के कौन-कौन से अधिकारी लिप्त है इसका भी खुलासा किया जाये। दो दिन पहले हुई इस कार्यवाही में अभी तक Daman Police विभाग की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं Police के उच्चाधिकारी भी इस मामले में कुछ कहने को तैयार नहीं है।