बेटियों ने दी मां की चिता को मुखाग्नि

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जोधपुर। जिन बेटियों को इस समाज में कुछ लोग अभिशाप समझते है उन्हीं बेटियों ने शनिवार को गमगीन माहौल में अपनी मां की चिता को मुखाग्नि दी। उनकी मां को बेटा नहीं होने पर अपनी जान गंवानी पड़ी थी। आरोप है कि उसे ससुराल पक्ष ने बेटा नहीं होने पर जलाकर मार डाला था। हालांकि पुलिस इस बारे में जांच कर रही है।दरअसल चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 21 सेक्टर निवासी देवयानी उर्फ रश्मि पुत्री कन्हैयालाल की शादी करीब तेरह साल पहले जैसलमेर के फलसूंड में भिखोड़ाई निवासी गोपालकृष्ण के साथ हुई थी। शादी के बाद उसके तीन पुत्रियां भी हुई लेकिन पुत्र नहीं हुआ। गत 18 अप्रैल की रात को वह संदिग्ध हालत में झुलस गई थी। उसे शत-प्रतिशत झुलसी हालत में एमजीएच की बर्न यूनिट में भर्ती करवाया गया था जहां गुरुवार को देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। ससुराल पक्ष का कहना था कि वह गैस चूल्हे से भभकी आग में झुलसी थी। वहीं उसके पिता कन्हैयालाल का आरोप है कि देवयानी को उसके ससुराल वाले तंग व प्रताडि़त करते थे और उसे जलाकर मारा गया है। उसके पुत्र नहीं होने से प्रताडि़त किया जाता था। उसकी पुत्री के लगातार तीन बेटियां हो जाने के बाद ससुराल में पति, सास-ससुर और अन्य लोग वारिस नहीं देने को लेकर प्रताडि़त करते थे। इधर राज्य महिला आयोग को जब पुत्र नहीं होने पर महिला को जलाकर मार देने की सूचना मिली तो उसने भी इस घटना की जानकारी जुटाई और मामले में प्रसंज्ञान लिया था।पुलिस ने शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव पीहर पक्ष को सौंप दिया था। शनिवार को देवयानी उर्फ रश्मि की अंतिम यात्रा उसके पीहर से निकाली गई जो गुर्जर गौड़ समाज के खेमे का कुआं स्थित स्वर्गाश्रम पहुंची। यहां पर उसकी तीनों पुत्रियों पदमिनी, मोनिका व अवन्तिका ने अपनी मां की चिता को मुखाग्नि दी।