अजब गज़ब घोटाला, “अंधेर नागरी चोपट राजा” DMC की वेबसाइट पर DMC प्रमुख का नाम ही बदल डाला!

Daman Municipal Council

दमण। दमण नगर निगम कि वेबसाइट http://dmcdaman.in/councillor.php पर List of Councillor  उपलब्ध काउंसिलरो कि सूची में दमण नगर निगम ( Daman Municipal Council ) के अध्यक्ष मुकेश पटेल को वार्ड संख्या-11 का काउंसिलर बताया गया है साथ ही मुकेश पटेल के फ़ोटो के नीचे श्री पटेल शिलुभाई ढेढाभाई (Shri Patel Shilubhai Dhedabhai) नाम लिखा है यानि मुकेश पटेल का नाम श्री पटेल शिलुभाई ढेढाभाई (Shri Patel Shilubhai Dhedabhai) बताया गया है। वही उक्त वेबसाइट पर उपलब्ध काउंसिलरो कि सूची में वार्ड संख्या-13 का काउंसिलर भी श्री पटेल शिलुभाई ढेढाभाई (Shri Patel Shilubhai Dhedabhai) को बताया गया है। इतना ही नहीं उक्त पूरी वेबसाइट पर उपलब्ध काउंसिलरो कि सूची में कही भी मुकेश पटेल का नाम नहीं है। जबकि मुकेश पटेल काउंसिलर भी है और दमण नगर निगम के अध्यक्ष भी है।

दमण नगर निगम के अध्यक्ष मुकेश पटेल का नाम अब भी मुकेश पटेल है या उन्होने नाम बदलने के लिए किसी अखबार में विज्ञापन देकर अपना नाम बदल दिया है?

सोचने वाली बात यह है कि क्या दमण नगर निगम ( Daman Municipal Council ) के काउंसिलरों ने, अधिकारियों ने, कर्मचारियों ने एक बार भी उक्त वेबसाइट कि विजिट नहीं की? सवाल यह भी है कि उक्त बेवसाइट किसने बनाई और किसके आदेश से बनाई? क्या उक्त वेबसाइट सरकार द्वारा बनाई गई है या वेबसाइट बनाने के लिए किसी कंपनी को ठेका दिया गया गया है, यदि किसी कंपनी को ठेका दिया गया तो कितनी रकम में दिया गया, ठेका देने के लिए किसने स्वीकृति दी? यह सावल इस लिए क्यो कि वेबसाइट के डोमिन एड्रस में कही भी .gov या .nic नहीं है जबकि सरकार द्वारा बनाई गई वेबसाइट के अंत में .gov या .nic  होता है। इससे तो यही लगता है कि उक्त वेबसाइट सरकार द्वारा नहीं बनाई गई है। वैसे जब क्रांति भास्कर कि टिम द्वारा तहक़ीक़ात कि गई तो पता चला कि इस वेबसाइट का असली मालिक Orangebitsindia PVT. LTD. है और http://dmcdaman.in नाम कि बेवसाइट का डोमिन Orangebitsindia PVT. LTD.ने खरीदा गया है।

ये भी पढ़ें-  CBI विवाद : करोड़ों की घूसखोरी में नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री हरिभाई चौधरी का नाम

Daman DMC 1 Daman DMC 2 1 Daman DMC 3 1 Daman DMC 4 Daman DMC 5

अब सवाल यह उठता है कि यह वेबसाइट को कौन चला रहा है तथा किसकी अनुमति से चला रहा है? यह सवाल इस लिए क्यो कि इस वेबसाइट पर नगर निगम ( Daman Municipal Council ) द्वारा तथा प्रशासन द्वारा जो भी जानकारी उपलब्ध कारवाई जा रही है तथा जनता से जो भी जानकारी हंसिल कि जा रही है उसका पूरा एक्सेस Orangebitsindia PVT. LTD के पास होगा क्यो कि इस वेबसाइट के डोमिन का मालिक Orangebitsindia PVT. LTD. है। इस पूरे मामले को देखने के बाद एक सवाल और भी है और वह यह है कि क्या सिर्फ नगर निगम कि इस वेबसाइट का ही यह हाल है या बाकी विभागों कि वेबसाइट भी इसी तरह चलाई जा रही है? दमण एन-आई-सी के अधिकारी मेहता इस मामले में प्रशासन का और प्रशासक का मार्गदर्शन कर सकते है क्यो कि उन्हे इस विभाग में एक दशक से अधिक का समय हो चुका है इतना ही नहीं डिजिटल इण्डिया अब तक दमण में कितना सफल हुआ इसका जवाब मेहता जी के अलावे कोई नहीं दे सकता। क्यो कि मेहता जी एनआईसी के मुख्य अधिकारी और उनके जिम्मे यह सारा कामकाज आता है। वैसे दमण प्रशासन कि वेबसाइट पर दी गई जमीन रिकॉर्ड कि वेबसाइट Rural Land Records’ http://112.133.243.84/lrc/ Urban Land Records’ http://112.133.243.84/urban1/  Online N.A. Application’ http://112.133.243.84/webna/ जैसी कई वेबसाइट और सर्वर भी लंबे समय से बंद पड़े है और उनकी देखरेख का जिम्मा भी एनआईसी विभाग के अधिकारी मेहता जी का बताया जाता है, लेकिन एक बड़ी पुरानी कहावत है कि काहे करू श्रंगार जब पिया ही अंधा। खेर प्रशासन के आला अधिकारियों को यह मामला कितना महत्वपूर्ण लगता है यह तो आने वाले समय में उक्त मामले में प्रशासन द्वारा लिए गए संज्ञान से ही पता चलेगा।

ये भी पढ़ें-  विदेश मंत्रालय ने दमण-दीव के पर्यटन विभाग को  नो इंडिया प्रोग्राम  के लिए चुना

वैसे इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब प्रशासन इस मामले में क्या कार्यवाही करती है यह तो समय आने पर पता चलेगा, लेकिन इस वेबसाइट का मालिक Orangebitsindia PVT. LTD. होने से यह अवश्य कह सकते है कि इस वेबसाइट पर ना सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानकारियाँ सुरक्षित है ना जनता द्वारा सरकार को वेबसाइट पर दी जाने वाली जानकारियाँ। इस लिए दमण नगर निगम ( Daman Municipal Council ) के चीफ़ ओफिसर को तत्काल इस मामले में संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने कि जरूरत है, साथ ही साथ प्रशासन को बाकी विभागों कि वेबसाइटों का भी हाल चाल पता करने के लिए एक बार सभी विभागों कि वेबसाइटों कि विजिट करने कि जरूरत है ताकि पता चल सके कि और कितने विभागों कि वेबसाइटों का हाल दमण नगर निगम कि वेबसाइट कि तरह प्रशासन को शर्मशार करने कम कर रही है।